गुठनी में सड़क दुर्घटना में तीन युवक घायल, एक की हालात नाजुक

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परवेज अख्तर/सिवान: गुठनी-मैरवा मुख्य मार्ग राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 227-ए पर करेजी गांव आरा मशीन के समीप दो बाइक की टक्कर में तीन लोग घायल हो गये. घायलों में हीरो सुपर स्प्लेंडर बाइक सवार दरौली थाना क्षेत्र के अमरपुर गांव के दो युवक तथा पल्सर बाइक सवार यूपी के लार थानाक्षेत्र के भैसही गांव का एक युवक शामिल है. राहगीरों ने बताया कि सड़क पर अचानक दो बाइक चालक नियंत्रण खोकर एक दूसरे में सीधे टकरा गये और मौके पर गिरकर घायल हो गये. घायलों में सुपर स्प्लेंडर सवार दो युवकों को ग्रामीणों ने तुरंत धनौती स्थित निजी अस्पताल में पहुंचाया. मगर वहां से मैरवा रेफरल अस्पताल भेज दिया गया.

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इन दोनों युवकों के बारे में संवाद प्रेषण तक इतना ही पता चला कि दरौली थानाक्षेत्र के अमरपुर गांव के रहने वाले हैं. वही पल्सर सवार युवक यूपी के लार थाना क्षेत्र के भैसही गांव निवासी राजकिशोर कुशवाहा का पुत्र रवि कुशवाहा बताया जाता है. रवि कुशवाहा को उसके परिजन मौके पर पहुंच कर अपने साधन से गुठनी पीएचसी लाये और यहां से रेफर करने के बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज लेकर चले गये. मौके पर पहुंची गुठनी पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलों को अपने कब्जे में लेकर पास स्थित आरा मशीन संचालक को जिम्मेनामा पर सौंप दिया.

45 मिनट तक सड़क पर टूटा पैर लेकर कराहता रहा घायल युवक

सड़क दुर्घटना के समय सड़क पर काफी देर तक घायलों के पड़े रहने की समस्यायें बढ़ती जा रही है. कोई भी व्यक्ति समय से अस्पताल पहुंचाने के बजाय दर्शक बने रहने में अपनी शान समझ रहा है. सोमवार को गुठनी मैरवा मुख्य मार्ग पर हुयी सड़क दुर्घटना में में घायल युवक करीब 45 मिनट सड़क पर टूटा पैर लेकर कराहता रहा और रक्तस्राव होता रहा. मगर उसे समय से कोई अस्पताल नहीं पहुंचाया. राहगीरों ने घायल युवक का मोबाईल लेकर उसके घर यूपी में फोन किया और वहां से पहुंचे परिजन अपनी बोलेरो में लेकर गुठनी पीएचसी पहुंचे और फिर गोरखपुर लेकर गये.

मौके पर मौजूद कई राहगीरों ने कहा कि लोगों को घायल के जीवन का परवाह नहीं है. लेकिन उसके बाइक की परवाह है. राहगीरों ने पत्रकारों से कहा कि आप अखबार में इस बात को जरूर प्रकाशित करे कि पहले दुर्घटना में घायल व्यक्ति के जीवन को बचाने में समय से सहयोग करें. फिर उसके वाहन को. वरीय चिकित्सकों का मानना है कि दुर्घटना के समय घायल का समुचित प्राथमिक ईलाज ही उसका फ्यूचर तय करता है. अतः प्राथमिक उपचार को गंभीरता से ले और घायलों की मदद करे.