ईट भट्ठा पर काम कर रहे दो दर्जन मजदूरों को कराया गया मुक्त

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परवेज अख्तर/सिवान :- श्रमिक सहायता केंद्र, गया की टीम ने सदर प्रखंड के जफरा में ईंट भट्टा पर छापेमारी कर करीब दो दर्जन बंधुआ मजदूर को मुक्त कराया है। मुक्त कराए गए 22 मजदूरों में चार महिलाएं, चार पुरुष और 14 बच्चे शामिल हैं। सभी मजदूर गया जिला के बेलागंज प्रखंड के निवासी हैं।

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ये मजदूर लगभग 11 माह से सदर प्रखंड के जफरा गांव स्थित ईंट भट्ठा पर बंधुआ मजदूर बनकर काम कर रहे थे। छापेमारी के बाद ईंट भट्ठा संचालकों में हड़कंप मच गया है। बंधुआ मजदूरों को विमुक्त करवाने की कार्रवाई स्थानीय स्वयंसेवी संस्था, श्रमिक सहायता केंद्र, गया तथा एएचटीयू ने की। विमुक्त कराने के बाद स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता जिला प्रशासन से मुक्ति प्रमाण पत्र निर्गत कराने और दोषी पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार ईंट भट्टा से बंधुआ मजदूरों को छुड़ाए जाने के दूसरे दिन भी कार्यकर्ताओं को मशक्कत करनी पड़ी। वहीं जिला प्रशासन द्वारा विमुक्ति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं करने एवं प्राथमिकी में विलंब के कारण छापेमारी टीम में शामिल समाजसेवियों में काफी नाराजगी रही। कार्यकर्ताओं का कहना था कि स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर बंधुआ मजदूरों की परिभाषा को नये रूप में परिभाषित किया जा रहा है, ताकि चिमनी मालिक और बिचौलिए को बचाया जा सके। इस दौरान छापेमारी टीम के सहयोग में जुटे अदिथी संस्था के परियोजना समन्वयक रोहित सिंह ने बताया की मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास ले जाने कि तैयारी कर ली गई है।

सामाजिक कार्यकर्ता और श्रमिक सहायता केंद्र गया के समन्वयक शत्रुघ्न दास व एक्शन एंड एसोसिएशन के पंकज श्वेताभ ने बताया कि हमारी टीम मजदूरों को कानूनी अधिकार दिलाने के लिए काम कर रही है। रोहित सिंह ने बताया की श्रमिक सहायता केंद्र गया एवं एक्शन एंड को स्थानीय स्तर पर बंधुआ मजदूरों को चिह्नित कर उन्हें मुक्त कराने की प्रक्रिया में सहयोग किया है। क्या कहते हैं जिम्मेदार :

मामले में किसी व्यक्ति ने सदर अनुमंडल पदाधिकारी के यहां शिकायत की थी। शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच टीम गठित कर मामले की तहकीकात करने को भेजा गया था। जांच के क्रम में पता चला कि चार परिवार के सभी 22 मजदूर अपनी बकाया राशि की मांग कर रहे थे। मजदूरों से इस संबंध में पूछताछ की गई। बयान लेकर मजदूरों को ईंट भट्ठा संचालक से बकाया राशि दिलवाकर घर भेजने की कार्रवाई की गई।

अजय कुमार, श्रम अधीक्षक, सिवान