​मेटाबोलिक डिसऑर्डर से होने वाली बीमारियों से कराया अवगत

0

परवेज़ अख्तर/सिवान:- ज्ञान की राजधानी काशी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में सिवान के डॉ. केडी रंजन ने अपने रिसर्च पेपर (शोध पत्र) प्रस्तुत किया। आयुर्वेद विभाग के केएन उड्डपा आॅडिटोरियम में मेटाबोलिक डिसआॅर्डर से उत्पन्न होने वाले रोगों को नियंत्रण करने तथा पूर्व रूप में ही चिकित्सा करने के विषय पर डॉ. रंजन ने अपना रिसर्च किया। इस रोग पर लगभग विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों के 350 शोधार्थियों ने अपना शोध पत्र पढ़ा। डॉ. रंजन ने बताया कि वर्तमान जीवन में हम अधिक से अधिक वसा व कैलोरी युक्त भोजन का सेवन कर रहे हैं, इसके अनुपात में शारीरिक श्रम नगण्य कर रहे हैं। इससे शरीर की अग्नियां प्रभावित होकर मेटाबोलिक डिसआॅर्डर जन्य रोग उत्पन्न कर रही हैं, जैसे ब्लड प्रेशर, सुगर, थाइराइड, अवसाद, मोटामा रोग प्रमुख हैं। ये सामान्य जन जीवन में आपदा का रूप ले रहे हैं। इन्हें रोकने में आयुर्वेद के अनुसार जीवन जीना एवं पथ्य लेना आवश्यक है। इन सारे उपायों का विस्तार से वर्णन डॉ. केडी रंजन के शोधपत्र में किया गया है। राष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति डॉ. सरोज चूणामणि, आइएमएसबीएचयू के निदेशक प्रो. वीके शुक्ला, डीन आयुर्वेद वीएचयू के डॉ. वाईवी त्रिपाठी, प्रो. हरिहृदया अवस्थी, डॉ. विजय लक्ष्मी गौतम, महाराष्ट्र के डॉ. प्रशांत टोपो, नाड़ी वैध सुशील कुमार दुबे सहित भारत के सभी आयुर्वेद विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शोधार्थी उपस्थित थे।