हत्या में शामिल अप्राथमिक अभियुक्त की नहीं हो सकी गिरफ्तारी​

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परवेज़ अख्तर/​ सिवान:- जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के जामो मुख्य पथ पर छह माह पूर्व बाइक सवार अपराधियों द्वारा एक मिठाई दुकानदार वीरेंद्र यादव की हत्या के मामले में अनुसंधान के क्रम में पुलिस द्वारा अप्राथमिक अभियुक्त बनाए गए आरोपित की अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने से मृतक के परिजनों में पुलिस के प्रति काफी रोष है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में जांच के क्रम में अप्राथमिक अभियुक्त बनाए गए एक फौजी उमेश यादव को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है। इस मामले में जब भी थाना पहुंच कर उसकी गिरफ्तारी की जानकारी थानाध्यक्ष से ली जाती है तो वो गिरफ्तारी पर स्टे आॅर्डर लगा होने का हवाला देते हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। वहीं मृतक वीरेंद्र यादव के रिश्तेदार धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में हमलोगों ने जिले के नए एसपी नवीन चंद्र झा से भी मुलाकात की और उन्होंने ने भी सिर्फ आश्वासन ही दिया। ऐसे में घटना के छह माह बाद भी कांड में शामिल अपराधी की गिरफ्तारी नहीं होने से अब पुलिस से विश्वास टूटता जा रहा है। वहीं मृतक की पत्नी इंदू देवी ने बताया कि मैंने अपने पति के हत्यारे के लिए कई बार थाना सहित कई वरीय अधिकारियों के पास पहुंच कर न्याय की गुहार लगाई लेकिन सिर्फ निराशा ही हाथ लगी। बात दें कि वीरेंद्र यादव की हत्या 12 अक्टूबर 2017 की रात दुकान बंद कर घर अपने छोटे भाई उपेंद्र कुमार के साथ घर लौट रहे थे तभी पीछे से बाइक सवार दो अपराधियों ने वीरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पहले मृतक के भाई के बयान पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में भूमि विवाद की बात को सामने लाया और चचेरे भाई उमेश से विवाद की बात बताई। इस दौरान उमेश द्वारा जान से मारने की धमकी भी दिए जाने का जिक्र पुलिस ने अपने अनुसंधान 1 में किया, लेकिन आज तक उमेश की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। वहीं उमेश काश्मीर में सेना में तैनात है और वहां कार्यरत है। इस मामले में परिजनों ने बताया कि थानाध्यक्ष हाईकोर्ट से उसकी गिरफ्तारी पर स्टे लगा होने की बात कहते हैं जबकि मामले में हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है।​

वीरेंद्र यादव फाइल फोटो
वीरेंद्र यादव फाइल फोटो