एनएच 531 पर पुल बंद होने से उग्र ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

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परवेज अख्तर/सिवान :- छपरा-सीवान मुख्य मार्ग एनएच 531 पर प्रांजल गैस एजेंसी के समीप पुलिया बंद हो जाने से बरसात एवं नहर का पानी सिरसाव पंचायत के सिरसाव मठिया, कोडारी खुर्द, पिपरा मठिया, सिरसाव, दारौंदा, हड़सर के अलावे दर्जनों गांव में लोगों के घर में घुस गया है. जिससे लोगों को अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों द्वारा एक वर्ष पूर्व सीवान जिला अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी एवं एनएचएआइ 531 छपरा को आवेदन दिया गया था. पहला आवेदन सभी अधिकारियों को 13 जुलाई 2019 को दिया गया. ग्रामीणों ने आवेदन में लिखा था कि एनएच 531 के चौड़ीकरण के समय एनएच पर लगे. पुलिया को एनएच के अधिकारियों द्वारा बंद कर दिया गया.

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आवेदन में ग्रामीणों ने लिखा था कि जिस स्थान पर पुलिया था उसके आगे सवान विग्रह निवासी अखिलेश सिंह जमीन को खरीद कर पेट्राल पम्प का निर्माण करवाने वाले है. उनके एवं एनएच 531 के अधिकारियों के मिली भगत से पुलिया को बंद कर दिया गया. जिससे उपर्युक्त गांव में बरसात एवं नहर का पानी आ जाने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गया है. सभी गांवों के लगभग पांच सौ से अधिक एकड़ की फसल नष्ट हो गया है. आवेदन के आधार पर दारौंदा अंचलाधिकारी ने एनएच 531 के कार्यालय छपरा में लेटर बनाया. जिसका पत्रांक 548 एवं दिनांक 17 जुलाई 2019 है. लेटर को 03 मार्च 2020 को कार्यालय में रिसीव कराया गया. पत्र मिलने के बाद भी कोई अधिकारी जांच करने के लिए नहीं आया. पानी लगे होने से धान एवं गेहूं के फसल नहीं हुआ.

उपर्युक्त दर्जनों गांवों के लोगों के घर में इस बार भी पानी आ जाने से प्रशासन के प्रति लोगों का आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों ने दारौंदा अंचलाधिकारी एवं एनएचएआई के अधिकारियों को मौखिक एवं लिखित सूचना दिया. जिसके बाद अंचलाधिकारी और ग्रामीणों के सहयोग से एनएच 531 सड़क को जेसीबी मशीन बुला कर कटवाने का प्रयास किया गया. लेकिन एनएचएआई के अधिकारियों ने सड़क पर पुल बनाने से साफ मना कर दिया. जिसके बाद दो हजार की संख्या में आए उग्र ग्रामीणों ने एनएच 531 को जाम कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुल नहीं लगा तो हम सभी ग्रामीण सड़क पर टेंट लगा कर रहेंगे. ऐसे भी खाने के लिए घर पर कुछ खाने के लिए नहीं है. यहीं पर रह कर भूख हड़ताल करेंगे.