पटना की सिविल सर्जन ने क्‍यों ली कोविड टीके की पांच डोज ! जांच जारी

0

पटना: बिहार के मधेपुरा में ब्रहृमदेव मंडल द्वारा कोरोना वैक्सीन की 11 डोज लेने के बाद अभी कार्रवाई पूरी भी नहीं हुई कि पटना सिविल सर्जन भी जांच की जद में आ गई हैं। आधार कार्ड पर तीन और पैन कार्ड का इस्‍तेमाल कर दो बार टीकाकरण कराने के प्रमाणपत्र लीक होने के बाद रविवार सुबह से ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने जांच करा, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है। वहीं सिविल सर्जन डा. विभा कुमारी सिंह ने पांच डोज लेने से इन्कार करते हुए पैन कार्ड के दुरुपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह किसी की साजिश है और जांच करा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM

पटना सिविल सर्जन डा. विभा कुमारी सिंह ने आधार कार्ड से हुए पंजीयन में 6 फरवरी 2021 को पहली, 12 मार्च को दूसरी और 13 जनवरी 2022 को कोवि-शील्ड वैक्सीन की प्रीकाशनरी डोज लेने का प्रमाणपत्र जारी हुआ है। वहीं पैन कार्ड से हुए पंजीयन में 6 जनवरी 2021 को कोवीशील्ड की पहली और 17 जून 2021 को दूसरी डोज का प्रमाणत्र जारी किया गया है। इस प्रकार एक वर्ष से कम समयांतराल में उन्होंने कोवि-शील्ड की पांच डोज ले लीं।

सिविल सर्जन डा. विभा कुमारी सिंह ने बताया कि मैंने अपने आधार कार्ड नंबर से पंजीयन करा कर भारत सरकार के नियमानुसार कोवि-शील्ड की तीन डोज ली हैं। मेरा पैन कार्ड नंबर तीन कार्यालयों के पास है। वहीं से किसी व्यक्ति ने इसे प्राप्त कर पंजीयन कराया होगा, बिना वैक्सीन लिए उस नंबर से प्रमाणपत्र कैसे जारी हो गया, यह जांच का विषय है। दूसरे बिना मोबाइल के ओटीपी के कोई किसी के टीकाकरण का प्रमाणपत्र डाउनलोड नहीं कर सकता। इसकी अनुमति सिर्फ तीन अधिकारियों को हैं, इसकी भी जांच कराई जा रही है कि दो तरह के प्रमाणपत्र डाउनलोड कर कैसे और किसने सार्वजनिक किए।

इस घटना से कई सवाल उठे हैं, सभी की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पर एक बात सच है कि मैंने तीन डोज ही ली। मेरे पर कोरेाना टीकारण के नियम अनुपालन कराने की जिम्मेदारी है, ऐसे में मैं कैसे उसका उल्लंघन कर सकती हूं।