बिहार के एक IPS बच्चों को मुफ्त में करवाएंगे IIT-NEET की तैयारी

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पटना: बिहार के मशहूर IPS अफसर विकास वैभव लगातार युवाओं को प्रेरित करते रहे हैं और उनके बीच काफी लोकप्रिय भी माने जाते हैं. हाल ही में उन्होंने ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ नाम की मुहिम शुरू की है जिसके तहत वे बिहार के युवाओं को मुफ्त कोचिंग देने की तैयारी में हैं। IPS विकास वैभव गरीब और वंचित परिवारों से आने वाले बच्चों को मुफ्त में IIT और NEET परीक्षा की तैयारी करवाने की मुहिम शुरू कर रहे हैं. इस योजना के तहत बिहार के 80 गरीब बच्चों को फ्री में इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करवाई जाएगी।

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विकास वैभव ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को ‘आइये प्रेरित करें बिहार’ (लेट्स इंस्पायर बिहार) मुहिम के तहत इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश परीक्षा की तैयारी करवाई जाएगी। गृह विभाग के विशेष सचिव IG विकास वैभव ने इस मुहिम की शुरुआत की है. विकास वैभव ने बताया कि पहले फेज में राजधानी पटना और भागलपुर में बच्चों के लिए यह व्यवस्था की गई है. दोनों जगह 40 बच्चों का हॉस्टल बनकर तैयार है जहां खाना-पीना और कोचिंग की मुफ्त व्यवस्था होगी. बिहार के सभी जिलों में 27 फरवरी को इसके लिए परीक्षा का आयोजन होगा जिसमें सफल होने वाले 40-40 बच्चों को इस मुहिम के तहत मुफ्त में प्रवेश परीक्षा की तैयारी करवाई जाएगी।

विकास ने कहा कि ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ के लोग बच्चों के घर जाकर उनका सत्यापन करेंगे. इस परीक्षा में राज्य का कोई भी छात्र शामिल हो सकता है. लेकिन, वित्तीय रूप से कमजोर व प्रतिभावान छात्रों का ही चयन होगा. साथ ही इसमें जाति-धर्म की कोई सीमा नहीं है।

IPS विकास वैभव ने ट्वीट कर कहा कि हर जिले में इसकी परीक्षा आयोजित होगी. परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए छात्रों को सही जानकारी https://forms.gle/dERMzt4wkk2SdS46A पर जा कर भरनी होगी. पूरी जानकारी फॉर्म में भरते ही मुहिम से जुड़े लोग उनके घर जाकर संपर्क कर सकेंगे. परीक्षा पास कर चयन होने वाले छात्रों को अनुभवी शिक्षक आईआईटी और नीट की तैयारी करवाएंगे जिसकी विकास वैभव खुद मॉनिटरिंग करेंगे।

कोचिंग का कितना फायदा हो रहा है इसके लिए विकास वैभव खुद समय-समय पर क्लास लेंगे और बच्चों की परीक्षा लेंगे. विकास वैभव ने बताया कि यह शिक्षा, समता व उद्यमिता के क्षेत्र में योगदान करने के लिये स्वैच्छिक लोगों का अभियान है, और हम लोग इस मुहिम को और आगे तक लेकर जाएंगे ताकि गरीब से गरीब बच्चा पढ़-लिख कर बिहार और देश के लिए कुछ बेहतर कर सके।