बसंतपुर:– पिता की हत्या के बाद दोनों भाई बन गए कुख्यात अपराधी, इलाका में थी दोनों से दहशत

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  • बसंतपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार पर भी इनलोगों के द्वारा हुई थी जानलेवा हमला
  • मृतक गोविद के पिता मंकेश्वर सिंह की हत्या 1980 में बसंतपुर से घर जाने के क्रम में हुई थी

परवेज़ अख्तर/सिवान:
जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र के बिठुना गांव में दो भाइयों के बीच हुए गैंगवार में हुई दो लोगों की मौत के गांव में तनाव का माहौल कायम है। सभी लोग अपने अपने घरों में दुबके हुए हैं। पुलिस इस बात की जानकारी एकत्रित करने में जुटी हुई है कि आखिर किस बात को लेकर गोविद ओर अरविद में विवाद इतना बढ़ गया कि अरविद ने अपने भाई गोविद और उसके सहयोगी को मौत के घाट उतार दिया। बहरहाल जो भी हो पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी करने का दावा किया जा रहा है। इन सब के बीच गोविद ओर अरविद के अपराधी बनने के पीछे का कारण दोनों के पिता की हत्या है। मृतक गोविद के पिता मंकेश्वर सिंह की हत्या 1980 में बसंतपुर से घर जाने के क्रम में हुई थी। मंकेश्वर सिंह सरकारी सेवा में थे। बताया जाता है कि बसंतपुर बाजार से मकेश्वर सिंह घर जा रहे थे कि रास्ते में कुछ लोगों ने उनकी हत्या कर दी। पिता की हत्या के बाद से ही गोविद और अरविद बदले की आग में झुलस्ते रहे। धीरे-धीरे उनके कदम आपराधिक दुनिया में प्रवेश कर गये और दोनों भाई अपराध क्षेत्र में जल्द ही कुख्यात बन गए। लेकिन पिछले तीन वर्षों से दोनों भाइयों में किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था और दोनों एक दूसरे के जान के दुश्मन बन गए थे। इसी बीच बुधवार को दोनों के बीच हुए गैंगवार में अरविद ने अपने भाई गोविद और उसके सहयोगी की जान ले ली और उसके दो सहयोगियों को घायल कर दिया।

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पवन पांडेय का भी रहा है आपराधिक रिकार्ड

बसंतपुर थाना क्षेत्र के बिठुना गांव में गोली कांड में घायल रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के संठी निवासी पवन पांडेय पर रघुनाथपुर थाना सहित आंदर थाना में करीब पांच मामले दर्ज हैं। इनमें कई मामलों में पवन पांडेय को पुलिस जेल भेज चुकी है। वहीं इस मामले में थानाध्यक्ष मनोज कुमार प्रभाकर ने बताया कि पवन पांडेय का आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर रघुनाथपुर सहित अन्य थानों में मामले दर्ज हैं। इसके साथ मध्य प्रदेश की पुलिस भी एक बार उसे गिरफ्तार कर चुकी है। उन्होंने ने बताया कि रघुनाथपुर थाने में दर्ज मामले में बाइक चोरी, मंदिर से घंटा व बैट्री सहित अन्य मामले हैं। वहीं आंदर थाना क्षेत्र में छिनतई मामले में 2016 में वह जेल जा चुका है। –

मची रही अफरातफरी

सदर अस्पताल में घायल पवन पांडेय की स्थिति गंभीर देख चिकित्सकों ने पटना रेफर कर दिया। इसके बाद अस्पताल स्टॉफ द्वारा उसे एंबुलेंस में शिफ्ट कर दिया, लेकिन उसके घर से कोई भी स्वजन अस्पताल में नहीं पहुंचे थे। इस कारण वह बार-बार एंबुलेंस से उतर कर इधर-उधर भाग रहा था। इस कारण कारण कुछ देर के अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। फिर डॉक्टर व स्टॉफ द्वारा उसे समझाने के बाद एंबुलेंस में बैठाया गया। करीब दो घंटे बाद जब उसके स्वजन अस्पताल पहुंचे तो उसे इलाज के लिए लेकर चले गए।

दोनों भाइयों पर दर्ज हैं आपराधिक मामले

बिठुना गांव निवासी अरविद और गोविद पर बसंतपुर थाना में तत्कालीन थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार पर जानलेवा हमला सहित विभिन्न मामले दर्ज हैं। दोनों पर बसंतपुर थाना कांड संख्या 14/ 2001 के तहत धारा- 326 भादवी 27 आ‌र्म्स एक्ट, कांड संख्या 53/ 2001 के तहत 341, 323, 334, 379, 34, कांड संख्या 48/ 2003 धारा- 341, 323, 279, 34 भादवी, थाना कांड संख्या 207/ 2012 धारा- 341, 323, 504, 508, 448, 380 एवं 27 आ‌र्म्स एक्ट, बसंतपुर थाना कांड संख्या 134/14, कांड संख्या 135/14, कांड संख्या 37/16, थाना कांड संख्या 137/18 धारा- 448, 307, 504, 506, 34 भादवी एवं 27 आ‌र्म्स एक्ट, बसंतपुर थाना कांड संख्या 343/17, बसंतपुर थाना कांड संख्या 168/16 धारा- 307, 353, 34 भादवी एवं 27 शास्त्र अधिनियम बसंतपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार पर जानलेवा हमला शामिल है।