बाल कैदियों ने दिया था सर्जिकल दवा व्यवसायी गोलीकांड को अंजाम, एक गिरफ्तार

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परवेज़ अख्तर/सीवान:- सीवान पुलिस को बड़ी उपलब्धि हाथ लगी है। एसपी नवीनचंद्र झा के नेतृत्व में पुलिस ने दो रोज पहले सोमवार को हुए सर्जिकल दवा व्यवसायी अनिल कुमार यादव की दुकान चंद्र ज्योति सर्जिकल पर लूटपाट के दौरान गोलीबारी मामले का पर्दाफाश करते हुए एक अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक इस सनसनीखेज वारदात के तार छपरा रिमांड होम से जुड़े हैं। बुधवार की शाम एसपी नवीन चन्द्र झा ने अपने कार्यालय कक्ष में प्रेसवार्त्ता कर इसका खुलासा करते हुए बताया कि फतेहपुर के साधु मेडिसीन कम्प्लेक्स स्थित चंद्र ज्योति सर्जिकल में गोलीबारी करने वाले सभी अपराधी छपरा रिमांड होम के कैदी हैं जो फिल्मी अंदाज में दो घन्टा के लिए रिमांड होम से निकल ट्रेन पकड़ सीवान आये और घटना को अंजाम देकर वापस ट्रेन पकड़ रिमांड होम छपरा लौट गए। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे से अपराधियों की हुई शिनाख्त में पहले पहल पुलिस के भी होश उड़ गए लेकिन अब छपरा रिमांड होम के अधिकारियों समेत उसके सभी स्टाफ संदेह के घेरे में आ गए हैं।सीवान एसपी नवीनचंद्र झा मामले में छपरा रिमांड होम में बंद रॉबिन, ऋषभ राज और करण यादव के साथ साथ सीवान के शाहिद और महेश की पहचान सीसीटीवी कैमरा फुटेज से हुई। जिसकी जांच के बाद खुलासा हुआ कि ये तीनो सोमवार को रिमांड होम से निकल सीवान आये थे और लूट की नीयत से चन्द्र ज्योति सर्जिकल स्टोर पर हमला बोला लेकिन वहां मौजूद दुकान मालिक और उनके स्टाफ द्वारा कड़ा विरोध किये जाने के कारण लूट में सफल नहीं हो सके और व्यवसायी अनिल कुमार यादव को गोली मार कर घायल कर वापस रिमांड होम छपरा आ गए।खुलासे के बाद पुलिस ने पुरानी किला निवासी शाहिद को गिरफ्तार कर लिया जबकि महेश फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने रॉबिन, करण और ऋषभ को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन दे दिया है। मालूम हो कि रॉबिन और करण यादव सीवान के अहीर टोली के पप्पू यादव की पिछले वर्ष हुई हत्या कांड के मुख्य अभियुक्त हैं जबकि ऋषभ राज महराजगंज में चाकू मार कर की गई एक युवक की हत्या का नामजद अभियुक्त है। तीनो की दोस्ती छपरा रिमांड होम में हुई. वहीं रॉबिन पिछले दिनों मैट्रिक की परीक्षा देने रिमांड होम से सीवान आ जा रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात शाहिद और महेश से हुई और चन्द्र ज्योति सर्जिकल लूट की योजना बनी। इस बीच मामले के तार जमीन विवाद से भी जुड़े बताये जा रहे हैं। एसपी ने बताया कि मामले में रिमांड होम के अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी संदेहास्पद है जिस सम्बन्ध में छपरा जिला प्रशासन और विधिक प्राधिकार से शिकायत की जाएगी।