एक माह बाद भी नहीं उठ सका लड्डन हत्याकांड से पर्दा

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दो अगस्त की देर रात कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हुई थी हत्या

पुलिस गिरफ्त से दूर है नामजद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष

परवेज़ अख्तर/सिवान:- नगर थाना क्षेत्र के मखदुम सराय लहेरा टोली में दो अगस्त की देर रात कपड़े के थोक-खुदरा व्यवसायी शमसुद्दीन उर्फ लड्डन मियां की गोली मार हत्या किए जाने के मामले में मृतक के बड़े भाई जोबैद अहमद के बयान पर पुलिस ने चार नामजद सहित पांच अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही कांड में नामजद तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था लेकिन हत्या के एक माह बाद भी इस कांड में नामजद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष सैयद माज अरफी के गिरेवान तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। वह अभी भी भूमिगत है और पुलिस लकीर पर लाठी पीटने का काम कर रही है। शहर में चर्चा इस बात की है कि सैयद माज अरफ पर सत्ताधारी दल के किसी बड़े नेता का हाथ है इस कारण पुलिस उस पर हाथ डालने से बच रही है और वह फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर है। वहीं अभी तक शमसुद्दीन उर्फ लड्डन की हत्या किस हथियार से हुई और उसकी हत्या करने वाला कौन था, इसके बारे में भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची। आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस ने अपनी पीठ तो जरूर थपथपा ली, लेकिन मामले में मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होना उसकी नाकामी को जाहिर कर रही है। बता दें कि दो अगस्त की रात शमसुद्दीन अपनी दुकान को बंद कर घर पर गया था और थोड़ी देर बाद किसी के फोन आने पर शमसुद्दीन घर से निकल गया और वापस लौट कर नहीं आया। देर रात जब परिजनों ने शमसुद्दीन की तलाश की तो उसका शव स्टेशन रोड स्थित उसके दूसरे मकान के एक कमरे में पाया गया था। शमसुद्दीन को अपराधियों ने दो गोली मारी थी। हत्याकांड में कृष्णा मुरारी, बबलू चौधरी और नीतीन राज श्रीवास्तव उर्फ मुंशी, सैयद माज अरफी को नामजद किया गया था।

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