दरौंदा: बाइक सवार युवकों की मौत के बाद पसरा सन्नाटा

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Dead Body
  • पूरा गांव परिजनों के चीत्कार से गमगीन हो गया
  • मृतकों के दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी

परवेज अख्तर/सिवान: मिडिल स्कूल मड़सरा के समीप रविवार की रात सड़क दुर्घटना में एक ही गांव चकरी के दो युवकों की मौत के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है। गांव ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में इसी दुर्घटना की चर्चा हो रही है। परिजन की स्थिति देख हर किसी की आंखे नम हो जा रही है। सोमवार की सुबह जब पोस्टमार्टम कराने के बाद दोनों युवकों का शव गांव पहुंचा। तब पूरा गांव परिजनों के चीत्कार से गमगीन हो गया। मृतकों के दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मांझी-बरौली सड़क के मिडिल स्कूल मड़सरा के समीप रविवार की शाम सड़क दुर्घटना में बाइक सवार दो युवक को मौत हो गई। जबकि दो गम्भीर रूप से घायल हो गए। मृतक चकरी निवासी मुख्तार भारती का पुत्र राजू भारती (30वर्ष) व रामस्वरूप भारती का पुत्र गोविंद भारती (22वर्ष) है। घटना के सम्बंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि जलालपुर गांव से बरात लेकर एक मार्शल गाड़ी पचारहाटा जा रही थी। जबकि सामने से एक बाइक आ रही थी। मिडिल स्कूल मड़सरा के समीप मार्शल गाड़ी की बाइक से जबरदस्त टक्कर हो गई। एक ही बाइक पर चार युवक सवार थे। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि घटनास्थल पर ही दो युवक चकरी निवासी राजू भारती व गोविंद भारती की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि उसी गांव के संत कुमार भारती (20वर्ष) व विशाल कुमार भारती (28वर्ष) गम्भीर रूप से घायल हो गए।

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एक साथ चकरी गांव से निकली दो अर्थी

सोमवार को जब चकरी गांव से एक साथ दो अर्थी निकली तब पूरा माहौल गमगीन हो गया। दोनों युवकों की अर्थी को कंधा देने वालो की हिम्मत भी टूट जा रही थी। हर कोई इन दोनों के नसीब को कोस रहा था। परिजन तो जैसे सुध-बुध खोकर पत्थर बन गए थे। राजू भारती तीन भाई में दूसरा था। राजू दूसरे प्रदेश में गाड़ी चालक का काम करते थे। करीब 3 माह पूर्व ही गांव आए थे। उन्ही की कमाई से परिवार चलता था। पत्नी कंचन देवी, पुत्र ऋषव कुमार व दीपू कुमार को देख हर कोई उस घड़ी को कोस रहा था। नन्हे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने को लोग उनकी बदनसीब किस्मत बता रहे थे। वही दूसरी तरह गोविंद भारती तीन भाइयों में दूसरा था। अभी शादी नहीं हुई थी। नौजवान बेटे को खोने के बाद माता-पिता बेसुध हो गए थे। पिता रामस्वरूप भारती व मां शारदा देवी अपने बेटे की मौत के लिए ऊपरवाले को कोस रहे थे।