दारौंदा: राजू हत्या मामले में चार-पांच अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी

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परवेज अख्तर/सिवान: जिले के दारौंदा थाना क्षेत्र के सिवान विग्रह गांव में बदमाशों ने गांव के ही मोहन राम के पुत्र राजू राम उर्फ अशर्फी की 25 नवंबर की रात चाकू गोद कर हत्या कर दी थी। राजू का शव 26 नवंबर की सुबह बरामद किया गया था। इस मामले में मृतक के पिता मोहन राम ने थाना में आवेदन देकर चार-पांच अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी कराई है। आवेदन में उन्होंने दलित होने के कारण चार-पांच लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रभाकर ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी कर मामले की जांच की जा रही है। मृतक के मोबाइल नंबर का सीडीआर निकाला जा रहा है। मृतक के दोस्तों से पूछताछ की जाएगी तथा उसके मोबाइल नंबर की जांच की जाएगी। समाचार प्रेषण तक इस कांड में संलिप्त किसी भी बदमाश की पहचान नहीं हो पाई है।ज्ञात हो कि सवान विग्रह निवासी मोहन राम का पुत्र राजू राम उर्फ अशर्फी 25 नवंबर को आठ बजे साइकिल से दारौंदा बाजार स्थित एल्युमिनियम की दुकान में काम करने गया था। शाम में दुकान से अपने घर के लिए चला लेकिन घर नहीं पहुंचा। देर शाम तक घर नहीं आने पर स्वजन आसपास क्षेत्रों में उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। 26 नवंबर की सुबह सात बजे ग्रामीणों उसका शव गांव स्थित चिमनी भट्ठा के समीप खून से लथपथ देख इसकी सूचना स्वजन एवं थाने को दी। मृतक के शरीर पर पेट, छाती, पीठ एवं गर्दन समेत कई जगहों पर चाकू लगने के निशान थे। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल कायम हो गया।

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शोकाकुल स्वजन को ढाढ़स बंधा रहे ग्रामीण :

राजू राम की हत्या के बाद परिवार में दूसरे दिन भी शोक का माहौल रहा। स्वजनों के रोने से माहौल गमगीन हो गया। आसपास के ग्रामीण स्वजनों को ढाढ़स बंधा रहे थे। वहीं यह घटना गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार मृतक राजू राम इतना सुलझा हुआ था कि आसपास के लोग भी इस निर्मम हत्या को लेकर आश्चर्य कर रहे हैं। करीब उसके शरीर पर पेट, छाती, पीठ एवं गर्दन पर करीब 15-20 जगह तेज हथियारों से वार किया गया था। स्वजनों का कहना है कि किसी से भी कोई दुश्मनी नहीं थी, फिर भी ऐसे हत्या कर फेंकने से हमलोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

साइकिल एवं मोबाइल का नहीं मिला सुराग :

मृतक राजू राम की साइकिल एवं मोबाइल हत्या के बाद क्या हुआ। इसके बारे में ना तो स्वजन कुछ बता रहे हैं और ना ही पुलिस पदाधिकारी। राजू राम के साथ दुकान पर साथ में काम करने वाले दोस्त से पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है। घटना के बारे में विस्तृत जानकारी लेने के लिए मोबाइल नंबर एवं उसके दोस्त एवं दुकान मालिक का मोबाइल नंबर की तकनीकी टीम जांच कर रही है। मृतक चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसे एक बहन थी।