सिवान सहित पूरे बिहार में पंचायत चुनाव के दौरान शराब की बाढ़ ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिया,10 लाख लीटर शराब हुई बरामद

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परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ: पंचायत चुनाव में शराब की बाढ़ ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिया। 3 माह में ही 10 लाख लीटर से अधिक शराब की बरामदगी की गयी। बिहार पुलिस ने 8 माह में 323 डिलीवरी ब्वॉय को पकड़कर 87,653 लीटर शराब बरामद किया है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि होम डिलीवरी भी चार पहिया वाहनों से हो रही थी। पुलिस ने 8 माह में ऐसी 115 चार पहिया वाहनों को जब्त किया है। शराब के बदले ग्राहकों से मिले 6 लाख से अधिक रुपए भी बरामद किया गया है।

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बिहार पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2021 में जनवरी से अक्टूबर तक बड़े कंसाइनमेंट में 185 कांड दर्ज किए गए हैं। इसमें 6,56,633 लीटर शराब बरामद किया गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 361 शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। शराब तस्करी के इस बड़े मामले में 189 ट्रक और 81 चार पहिया वाहनों को बरामद किया है। पुलिस ने बड़े कंसाइनमेंट में कार्रवाई करते हुए 8,18,755 रुपए भी बरामद किया है। बिहार पुलिस के आंकड़ों के अनुसार बिहार पुलिस के अंतर्गत मद्य निषेध इकाई द्वारा कार्रवाई की गई है।

बिहार पुलिस के अंतर्गत मद्य निषेध इकाई द्वारा कार्रवाई के अतिरिक्त बिहार के विभिन्न जिलों में जनवरी 2021 से अक्टूबर 2021 तक जिला पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। बिहार पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस कार्रवाई में लगभग 38 लाख 72 हजार 645 लीटर शराब बरामद करने के साथ 12,200 वाहनों को भी जब्त किया गया है। जिलों में हुई कार्रवाई को लेकर 62,140 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पंचायत चुनाव के दौरान बिहार में शराब की डिमांड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पंचायत आम निर्वाचन 2021 की अधिसूचना के बाद 28 अगस्त से 10 नवंबर तक की गई कार्रवाई में जो शराब की खेप पकड़ी गई है, वह चौंकाने वाली है। सप्तम चरण के चुनाव वाले 38 जिलों में 10 लाख 73 हजार 277 लीटर शराब बरामद की गई है, जबकि पूरे राज्य में इस अवधि में 10 लाख 96 हजार 157 लीटर शराब की बरामदगी की गई है। इसी समय के दौरान ही बिहार में जहरीली शराब कांड भी हुआ है। पुलिस ने जिस तरह से शराब की बरामदगी की है। उससे यह बात साफ है कि बिहार में पंचायत चुनाव में तस्करों ने पूरा नेटवर्क खड़ा कर लिया है।