जारी है कलम के सिपाही को इंसाफ दिलाने की लड़ाई ​

0
rajdev ranjan
पत्रकार राजदेव रंजन

​परवेज़ अख्तर/सिवान:- 13 मई यह वह तिथि है जिसने सिवान ही नहीं बल्कि देश विदेश को झकझोर कर रख दिया। आज से दो वर्ष पहले इस दिन ही हथियार से लैस अपराधियों ने स्टेशन रोड पर फलमंडी के समीप हिंदुस्तान के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या गोली मारकर कर दी थी। उस दिन से लेकर आज तक सिवान सहित पूरे देश की जनता को इसका जवाब नहीं मिल सका कि आखिर अपराधियों ने राजदेव रंजन की हत्या क्यों की? दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कलम के उस सिपाही के इंसाफ की लड़ाई जारी है। मामला देश के सर्वोच्च न्याय के मंदिर सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इंसाफ मिलेगा इसकी उम्मीद देश की जनता के साथ-साथ राजदेव रंजन के परिजनों और उनकी विधवा पत्नी आशा रंजन को भी है क्योंकि इंसाफ के घर देर तो है लेकिन अंधेर नहीं है। आज हम राजदेव रंजन को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
ahmadali
dr faisal

अतीत के पन्नों से अब तक की कहानी

13 मई 2016 : राजदेव रंजन की हत्या, स्टेशन रोड के फलमंडी समीप। इसके बाद पुलिस ने 25 मई को शहर के विजय कुमार गुप्ता, रोहित कुमार सोनी, राजेश कुमार, रिशु कुमार जायसवाल व सोनू कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया। जांच के क्रम में पाया कि शहर के रामनगर निवासी अजहरुद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां ने इन्हें राजदेव रंजन की हत्या की सुपारी दी थी। इसके बाद लड्डन ने कोर्ट में समर्पण करते हुए अपने आप को बेकसूर बताया। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए। जांच के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने शहर के दखिन टोला निवासी मो. कैफ उर्फ बंटी तथा जावेद का नाम कांड में लाया। इसके बाद पूर्व के मामले में फरार चल रहे कैफ और जावेद ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। सीबीआई ने दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की।

जांच के क्रम में सीबीआई ने लाया पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का नाम

सीबीआई ने जब इस कांड की जांच शुरू की तो उसने पहले उनके घर पर छापेमारी की जिनका संबंध कहीं ना कहीं से पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन से था। इसके बाद सीबीआई ने इस मामले को मुजफ्फरपुर स्थित स्पेशल कोर्ट मेँ ट्रांसफर करा लिया। इसी बीच सीबीआई डीएसपी सुनील रावत और उनकी टीम ने करीब छह महीने से ज्यादा का समय लेते हुए जांच के बाद सिवान की जनता को उस समय चौकाने वाली बात सुनने को मिली जब सीबीआई ने इस मामले में जेल में बंद पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन के इशारे पर राजदेव रंजन की हत्या की बात का खुलासा किया। सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट सौंपी जिसके बिना पर आज भी देश के सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई चल रही है।​[sg_popup id=”5″ event=”onload”][/sg_popup]