गोधन भैया चलले अहेरिया, खडीचा बहिना देली आशीष हो ना

0

परवेज अख्तर/सीवान :- जिले में गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाया गया सभी प्रखंडों में महिलाओं ने गोवर्धन पूजा कर एक दूसरे को मिठाइयां बांटी। परंपराओं के अनुसार गोवर्धन पूजा के पश्चात मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। लकड़ी गंज संवाददाता से मिली जानकारी अनुसार प्रखंड के कई गाँवो में इसी गीत के साथ दो दिवसीय गोधन कुटाई का व्रत सम्मपन हो गया। आज से बैबाहिक कार्य प्रारंभ हो जायेगे। वैसे तो इस दो दिवसीय अनुष्ठान का प्रावधान द्वापर युग से प्रारंभ हुआ जब कृष्ण के कहने से गोकूल वासियो ने इंद्र पुजा का बहीस्कार किया और इन्द्र कुपित होकर गोकूल बृंदावन बरसाना को डूबोने के नियत से कई दिनों तक मुसलाधार बारीस बरसाने लगे और सभी लोगों को बचाने के लिए कृष्ण गोवर्धन पहाड़ उठा कर उसके नीचे ग्वाल ग्वालीन की रक्षा किये। किवदन्तियो के अनुसार द्वापर में एक गोधन राय नामक ग्वाल था जो राधिका के साथ शादी करने की चाह रखता था। गोपीयो द्वारा इसका मजाक बनाते हुए शादी का प्रलोभन देकर बृंदावन में बुलाया गया और मुसल से कूट कूट कर मार डाला गया। इस खबर को सुनते ही गोधन की बहन खडलीचा भाई के शव से लिपट कर रोते हुए बोली की आज से जबतक मेरे भाई गोधन का पुजन स्मरण नही होगा तबतक किसी के घर शादी ब्याह की रस्म पुरी नही होगी

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
aliahmad
dr faisal