प्रवासी और ग्रामीण मजदूरों को राशन और एक हजार भत्ता दे सरकार : माले

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माले का राष्ट्रव्यापी दो दिवसीय भूख हड़ताल शुरू

परवेज अख्तर/सिवान :- कोरोना वायरस को लेकर देश विभिन्न जगहों पर फँसे प्रवासियों और ग्रामीण मजदूरों को राशन एवं सहायता राशि मुहैया कराने को लेकर भाकपा माले का दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी भूख हड़ताल शनिवार को शुरू हो गया । उक्त जानकारी माले नेत्री व जिला पार्षदों सोहिला गुप्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दिया । उन्होंने बताया कि देश के सभी राज्यों में प्रवासी मजदूर लाखों की संख्या में फँसे हुए हैं । कल-कारखानों के बंद हो जाने से सभी मजदूर भूखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं । उनके भोजन, राशन की व्यवस्था केंद्र और राज्य सरकारें करें । उन मजदूरों के लिए ₹10000 लॉकडाउन भत्ता देकर उनके घर तक पहुंचाने के लिए मुफ्त परिवहन व्यवस्था की जाए । उन्होंने कहा कि सरकार आगरा से तीर्थयात्रियों और अमीरों के बच्चों के लिए बसों का प्रबंध कर सकती है, तो गरीब मजदूरों के लिए क्यों नहीं कर सकती । एक देश में दो तरह की कानून व्यवस्था नहीं चलेगी । ग्रामीण क्षेत्रों में आधे गरीब लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है । उन्हें भी मुफ्त राशन और ₹5000 दिया जाए । मनरेगा के अंतर्गत सभी गरीब मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देना सुनिश्चित किया जाए, जिससे बेरोजगारी की समस्या कम हो सके । नौतन में सोहिला देवी के साथ भूख हड़ताल पर बैठी अंगौता की मुखिया सभापति देवी ने अपने पंचायत के लोगों को मुफ्त राशन और ₹5000 नगद तथा मनरेगा के अंतर्गत रोजगार की मांग किया । इसके साथ ही दोनों नेत्रियों ने लोगों से लॉकडाउन एवं सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील किया । गौरतलब है कि लॉकडाउन के बीच लाखों की संख्या में विभिन्न राज्यों में प्रवासी मजदूर फँसे हुए हैं तथा भूखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं।

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