हुसैनगंज: मौलाना मजहरुल हक की जयंती को मजार की साफ सफाई का कार्य जोरों पर

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परवेज अख्तर/सिवान: जिले के हुसैनगंज प्रखंड क्षेत्र के बघौनी पंचायत अंतर्गत फरीदपुर रमना निवासी महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता सेनानी व बैरिस्टर मौलाना मजहरुल हक की 156 वीं जयंती 22 दिसंबर को मनाई जाएगी। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा उनके आशियाना में मिट्टी भराई, मजार की साफ-सफाई, रंग रोगन का कार्य जोरों पर चल रहा है। फूल बागान सहित सारी तैयारियां जोर शोर की की जा रही है। इसको लेकर बीडीओ राकेश कुमार चौबे ने बताया कि एक सप्ताह से मजदूरों द्वारा आशियाना की साफ-सफाई, रंगाई-पोताई का कार्य चल रहा है। सभी तैयारियां शीघ्र ही पूरी कर ली जाएगी। इस मौके पर यहां चादरपोशी, प्रदर्शनी का आदि कार्यक्रम का आयाेजित किए जाएंगे। ज्ञात हो कि मौलाना मजहरुल हक साहब का जन्म पटना जिला के मनेर स्थित ब्रह्मपुर में 22 दिसंबर 1866 को एक मुस्लिम जमींदार घराने में हुआ था। उन्होंने विदेशों में उच्च शिक्षा ग्रहण की।

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उन्हें भारत की गुलामी उन्हें नहीं आती थी। इसी दरम्यान वे महात्मा गांधीजी तथा अन्य आजादी के दीवानों के संपर्क में आए और कूद पड़े आजादी दिलाने के मुहिम में तथा अपनी स्थली को छोड़ उन्होंने कर्मभूमि के रूप में सिवान जिला को चुना। वे जिले के फरीदपुर में दाहा नदी के किनारे 52 एकड़ भूखंड खरीदकर अपना आलिशान मकान बनाया जिसका नाम रखा “आशियाना”। यही से वे आजादी की लड़ाई में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते रहे। इस आशियाने में महात्मा गांधी से लेकर बड़े बड़े नेता पधार चुके हैं। आजादी की कसक अपनी सीने में दबाए आखिरकार उन्होंने दो जनवरी 1930 को महज 63 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। आज उनका परिवार भरा पूरा है। इसमें दो पौत्रों से आठ परपौत्र व दो परपौत्रीयां जीवित हैं। उनके इस बलिदान को देखते हुए राज्य सरकार प्रतिवर्ष 22 दिसंबर को हर्षोल्लास के साथ उनकी जयंती मनाती है। इस मौके पर बिहार सरकार के मंत्री, जिले के पदाधिकारी एवं विभिन्न राजनीतिक एवं संगठनों के लोग माल्यार्पण करते हैं। इस कार्यक्रम को लेकर गांव के लोगों में उत्साह माहौल है।