बड़हरिया के पुरानी बाजार के आखाड़ा जुलूस पर पथराव मामले में अससुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर सीएम पर कसा तंज

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  • किशोर को भेजा गया बालसुधार गृह
  • बड़हरिया के पुरानी बाजार में महावीरी मेला के अखाड़ा जुलूस के दौरान पथराव में मजिस्ट्रेट के बयान पर दर्ज हुई है प्राथमिकी

✍️परवेज़ अख्तर/एडिटर इन चीफ:
बड़हरिया थाना क्षेत्र के बड़हरिया पुरानी बाजार में आठ सितंबर की देर शाम महावीरी मेला के अखाड़ा जुलूस के दौरान पत्थरबाजी मामले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट के बयान पर प्राथमिकी कर दोनों पक्षों से दो दर्जन लोगों को पकड़ कर जेल भेजा है। इसी में एक किशोर को बाल सुधार गृह भेजे जाने को लेकर मामला गरमा गया है। दावा किया जा रहा है कि किशोर आठ वर्षीय है और उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। जबकि पुलिस ने मजिस्ट्रेट के बयान और कोर्ट के निर्देश का हवाला दिया है। वहीं मामले में एआइएमआइएम के प्रमुख अससुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री पर कई व्यंग करते हुए नाराजगी जताई है और ट्विटर पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि नए नए सेक्युलर चाचा@नीतीश कुमार के राज में बच्चे भी महफूज नहीं। पुलिस मुसलमान बच्चों को निशाना बना रही है। ओवैसी के इस ट्वीट के बाद से स्थानीय प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।

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वहीं मामले में एसपी श्री शैलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि घटना स्थल पर मौजूद मजिस्ट्रेट के बयान पर प्राथमिकी हुई थी। इसमें वह 13 साल का बच्चा भी शामिल था। जिसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां उसे रिमांड होम भेज दिया गया। कानूनी प्रक्रिया के तहत जो करना चाहिए था उसे पुलिस ने किया है।

आठ व 13 साल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म

बतादें कि जिस बच्चे को रिमांड होम भेजा गया है उसकी उम्र 8 बताई जा रही है। वहीं पुलिस के अनुसार उसकी उम्र 13 है। इंटरनेट मीडिया पर बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र दिखाते हुए यह बताया जा रहा है कि उसका जन्म 2014 में हुआ है। हालांकि पुलिस की प्राथमिकी में जिस किशोर का जिक्र है उसका पता कुछ और है जबकि जन्म प्रमाण पत्र में जिसकी उम्र आठ वर्ष बताई जा रही है उसका स्थाई पता कुछ और अंकित है।