अंतरराष्ट्रीय साइक्लिस्ट ने छात्राओं को डॉन्ट बी बेचारी बनने का दिया संदेश

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कल्पना चावला के पिता ने भी छात्राओं को किया संबोधित

परवेज अख्तर/सिवान: गुरूवार को शहर स्थित विद्या भवन कॉलेज में आयोजित व्याख्यान के दौरान अंतर्राष्ट्रीय साइकिल चालक हीरालाल यादव ने छात्राओं को बेचारी व असहाय नहीं बल्कि बहादुर और संघर्षशील बनने का संदेश दिया. प्राचार्य डॉ कुसुम कुमारी सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्री यादव ने कल्पना चावला के पिता बीएन चावला का भी वर्चुअल संबोधन कराया. जहां कल्पना चावला के पिता ने हादसे के 15 मिनट पूर्व हुई बेटी की बातों को छात्राओं से साझा किया. बीएन चावला ने कल्पना चावला के उस अंतिम ईमेल को साझा किया, जिसमें कल्पना चावला ने लिखा था कि सपनों में सफलता की तरफ जाने की राह मौजूद है, बस आपमें उसे समझने की दृष्टि, उस पर चलने का साहस और उसका अनुसरण करने की इच्छा-शक्ति होनी चाहिए. अंतर्राष्ट्रीय साइकिल चालक हीरालाल यादव नागालैंड से मुंबई तक की साईकिल यात्रा पर निकलने है.

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उन्होंने कहा कि आधी आबादी के सशक्त होने से समाज निश्चित ही सशक्त होता है. अपने व्याख्यान में शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा, परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव , अरुणिमा सिन्हा, भारत की पहली ब्लाइंड आईएएस प्रांजल पाटील, सचिन तेंदुलकर, हिमादास, कल्पना चावला आदि के प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से अपने विचार रखे और छात्राओं को कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत के साथ के संघर्ष करने को प्रेरित किया. छात्राओं ने बताया कि यह बेहद खास अनुभूति थी जब कल्पना चावला के पिता से उनकी जिंदगी की कहानियां सुनी. गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय साइकिल यात्री बेटियों को संदेश देने के लिए 64 साल की उम्र में पूरे भारत में साइकिल यात्रा पर निकलने हैं. यात्रा की शुरुआत उन्होंने नागालैंड से की है. इसी कड़ी में वे सीवान पहुंचे थे.मौके पर प्राचार्या डॉ कुसुम कुमारी सिन्हा, प्रो. शमी अहमद, डॉ पूजा गुप्ता, डॉ आंचल सिंह, डॉ रीता शर्मा, डॉ जितेंद्र प्रसाद, डॉ स्वाती सिन्हा, डॉ श्यामनाथ गुप्ता सहित शिक्षकेत्तर कर्मी नीलम श्रीवास्त व नीरा श्रीवास्तव समेत दर्जनों छात्राएं मौजूद रही.