जामो में चाकू घोंप आर्केस्ट्रा संचालक की हत्या

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परवेज़ अख्तर/सीवान:- जिले के जामो थाना क्षेत्र के बरहोगा पचटिया गांव में आई बारात में द्वारपूजा समेत अन्य रस्मों के बीच अचानक अफरातफरी मच गई। शादी में मंगलगीत की जगह खून के छिंटे उड़ गए। जनवासा में चल रहे आर्केष्ट्रा के दौरान नर्तकी को दो लोगों द्वारा उठाकर ले जाने का विरोध करने पर संचालक की छाती में चाकू घोंप दिया गया। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर जहां जेल भेज दिया है, वहीं दूसरे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। इधर, पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार जामो थाना क्षेत्र के बरहोगा पचटिया गांव में रतन महतो की पोती की गोरयाकोठी से बरात आई थी। बरात में आर्केष्ट्रा का कार्यक्रम हो रहा था। दोनों तरफ के लोग इसका आनंद उठा रहे थे। इसी दौरान रात के करीब दो बजे जामो थाना क्षेत्र के वीरा टोला के गोधन ठाकुर का लड़का सन्नी ठाकुर व गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के धानुक टोली के गुलाबचंद आर्केष्ट्रा देखने पहुंचे। आने के साथ ही दोनों एक नर्तकी को जबरन उठाकर ले जाने लगे। आर्केष्ट्रा संचालक सुजीत महतो ने जब इसका विरोध किया तो सन्नी ठाकुर व गुलाबचंद ने उसे पकड़ लिया। सन्नी ने अपनी पॉकेट से चाकू निकालकर सुजीत महतो के छाती में मार दी, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सन्नी ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक अन्य आरोपित गुलाबचंद की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

संचालक के भाई ने दर्ज कराई एफआईआर

नर्तकी के विवाद को ले आर्केष्ट्रा संचालक की हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मृतक के भाई अच्छेलाल महतो ने जामो थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि रतन महतो की पोती की शादी था। बारात गोरयाकोठी से आई थी। बारात में आर्केस्ट्रा चल रहा था। इसका संचालन सुजीत महतो कर रहा था। अचानक बारात में सन्नी ठाकुर व गुलाब चंद पहुंचे व नर्तकी को जबरन ले जाने लगे। भाई ने इसका विरोध किया। उसने कहा कि इज्जत का सवाल है, कार्यक्रम खत्म होने के बाद नर्तकी को ले जाईयेगा। बावजूद आरोपित नहीं माने और सुजीत महतो की छाती में चाकू घोंप हत्या कर दी।वही दूसरी ओर महाराजगंज थाने के माघी गांव में शनिवार की रात बच्चा सिंह के यहां पचरुखी के बरियारपुर से बरात आई थी। द्वारपूजा के बाद बराती व सराती को भोजन कराने का कार्य चल रहा था। दूसरी ओर जनवासा परिसर में आर्केष्ट्रा हो रहा था। तरवारा से बुलाए गए आर्केष्ट्रा पर नर्तकियां कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही थी। भोजपुरी व लोकगीत के बीच नर्तकियां लोगों की मांग पर फरमाइशी गीत भी पेश कर रही थीं। गीत व नृत्य से खुश होकर बराती से लेकर सराती तक नर्तकियां पर रुपये की बारिश कर रहे थे। इसी दौरान दोनों तरफ से फरमाइशी गीत को लेकर विवाद बढ़ गया। बात इस कदर बढ़ गई कि जनवासा परिसर में रखी एक दर्जन से भी अधिक कुर्सियां लोगों ने तोड़ डाली। दोनों तरफ के लोगों को भी चोट लगी। हालांकि बीच-बचाव कर किसी तरह से मामले को शांत कराया गया। इस संबंध में ग्रामीणों का कहना था कि बारात में इनदिनों विवाद का कारण आर्केष्ट्रा में फरमाइशी गीत बन रहा है।