नागरिकों की आवाज को वायलेंस के जरिए सायलेंस करने की कोशिश विधायक

0

परवेज अख्तर/सिवान:- संविधान बचाओ संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में आयोजित नागरिकता संशोधन कानून एनपीआर तथा एनआरसी के विरोध में धरना प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष तथा कदवा के विधायक शकील अहमद खान शामिल हुए उन्होंने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री हमारे देश के नागरिकों की आवाज को वायलेंस के जरिए सायलेंस करने की कोशिश कर रहे हैं और यह वह कोशिश जामिया और जेएनयू में नाकाम कोशिश कर चुके हैं यह प्रदर्शन यह आंदोलन जनता का आंदोलन है जनता अब किसी भी तरह की तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेगी और किसी भी तरीके का बैलेंस जो सत्ता पक्ष की तरफ से किया जा रहा है वह इनकी आवाज को सायलेंस नहीं कर सकता उन्होंने कहा कि भारत के लोग अमन पसंद लोग हैं परंतु संवैधानिक संकट सामने होने की वजह से हर जात और हर धर्म के लोग पूरे देश के कोने कोने में आंदोलन करने पर मजबूर हैं और यदि सरकार ने इन आंदोलनकारियों की बातें नहीं सुनी तो वह दिन दूर नहीं जब निरंकुश सरकार से उनके कर्मों का हिसाब जनता स्वयं ले लेगी उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि देश की आर्थिक स्थिति 45 साल में सबसे बुरी है देश की बेरोजगारी की यह हालत है कि हर 24 घंटे में 3 बेरोजगार आत्महत्या कर रहे हैं और यह सरकार मुख्य मुद्दों से भटकते हुए जनता को धर्म के आधार पर बांटने का असफल प्रयास कर रही है लेकिन भारत गांधी का देश है नेहरू का देश है पटेल का देश है अशफाक का देश है जो हर का देश है यह इनके नागपुरी एजेंडे को अच्छी तरह से समझ रहा है धरना को पूर्व जिला अध्यक्ष शिवधारी दुबे ने भी संबोधित किया वही एसएम फजलेहक हक अपने संबोधन में कहा कि यह सरकार जबसे हुकूमत में आई है सिर्फ और सिर्फ मुल्क को बांटने का असफल प्रयास कर रही है परंतु मुल्क इनके प्रयास को कभी सफल नहीं होने देगा विधु शेखर पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि यह लड़ाई दूसरी आजादी की लड़ाई है इस बार सरकार को अपने तानाशाही रवैया का हिसाब देना ही होगा कमलेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह भगवा और तिरंगा के बीच की लड़ाई है डॉक्टर एहतेशाम ने कहा कि देश की जनता इंसाफ के लिए सड़कों पर है जनता के साथ सरकार ने अन्याय किया है और जनता अपने इस अन्याय का बदला जरूर लेगी आंदोलनकारियों के ऊपर जो जुल्मों सितम इस सरकार द्वारा किए जा रहे हैं वह फासीवाद की परंपरा को याद दिलाते हैं कार्यक्रम का संचालन सनाउल्लाह खान ने किया जबकि प्रमुख रूप से शहजाद गनी जुबेर आसिम गणेशराम विकास यादव दीपक सम्राट फरहान मोहम्मद कलीम नेमत खान जयशंकर प्रसाद शमीम अहमद खान तारीख सूजा रिजवान अहमद पप्पू चमार दीपक सम्राट उपेंद्र सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित थे

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
ahmadali
dr faisal