सिवान में दाहा नदी की अविरलता हेतु जन आंदोलन का आगाज

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✍️परवेज़ अख्तर/सिवान:
दहा नदी की अविरलता हेतु जन आंदोलन का आगाज आज राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन सिवान के द्वारा वाणगंगा नदी की अविरलता हेतु समाजसेवियों की एक बैठक शिवब्रत साह घाट पर आयोजित की गई।कार्यक्रम का शुभारंभ गदाधर विद्रोही जी के द्वारा बाणगंगा नदी की पूजन कर शुभारंभ किया गया।इस बैठक में जिला गोपालगंज एवं सिवान के राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन से जुड़े प्रकृति प्रेमी समाजसेवी शामिल हुए।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गदाधर विद्रोही जी के द्वारा किया गया बैठक में विद्रोही जी ने बताया कि बाणगंगा नदी गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड से निकलकर सिवान जिले के सरयू नदी में जाकर मिलती है। यह नदी गोपालगंज से सिवान तक 95 किलोमीटर की दूरी तय करती है।

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इस नदी की स्थिति यह है कि जिले का सभी गंदा पानी नदी में प्रभावित हो रहा है।अतिक्रमणकारियों एवं भू माफियाओं द्वारा नदी को अतिक्रमण कर दिया गया है।यह नदी सिवान जिले की जीवन दायिनी नदी है आज के समय में नदी और वृक्ष के बिना मानव जीवन की कल्पना करना निराधार है।इस बैठक में सभी समाजसेवियों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए जिसमें मुख्य रुप से आर एस पांडे ने बताया कि बाढ़ गंगा नदी की अविरलता हेतु सर्वप्रथम नदी को अतिक्रमण मुक्त कराई जाए।जिला प्रशासन से यह मांग किया जाए कि नदी के किनारे जो भी भवन बने हैं किस नियम से बने हैं नदी के किनारे भवन बनाने का नियम क्या है कितनी दूरी पर भवन का निर्माण हो सकता है।समाज के लोगों को यह जागरूक किया जाए कि नदी में पॉलिथीन और गंदे पानी का प्रवाह नहीं करें।

इस बैठक में डॉक्टर संदीप यादव जी ने अपने विचार रखे हैं उन्होंने कहा कि समाज में राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के द्वारा लोगों को जागरूक किया जाए और मानव जीवन के लिए नदी की महत्ता को बताया जाए जब तक समाज में लोगों को जागरूकता नहीं किया जायेगा तब तक नदी की अविरलता का अभियान सफल नहीं हो पाएगा। इस बैठक में संगीता शुक्ला ने भी अपना विचार रखें उन्होंने कहा कि नदी और सनातन धर्म के साथ एक विशेष नाता है विशेष व्रत एवं त्यौहार के उपरांत पूजा पाठ से निकले हुए पदार्थों को नदी में प्रभावित करने का प्रचलन है।उन्होंने इसके लिए एक सुझाव रखा उन्होंने कहा कि नगर परिषद के द्वारा नदी के किनारे एक डम्प प्लेस का निर्धारण करना चाहिए।

जहां पर विसर्जन से संबंधित सभी पदार्थ विसर्जित किया जा सके जिसको बाद में नगर परिषद आसानी पूर्वक सफाई कर सके। विसर्जित पदार्थ को नदी में यत्र तत्र विसर्जित किए जाएंगे तो नदी की अविरलता के अभियान को ठोस पहुंचेगा।कार्यक्रम में आर एस पांडे ने भी अपने विचार रखे उन्होंने कहा कि नदी का सर्वे गोपालगंज से लेकर सिवान के अंतिम छोर पर सरजू नदी के तट पर किया जाए और नदी के बारे में विस्तार पूर्वक जाना जाए। उसके उपरांत नदी की अविरलता हेतु एक कार्य योजना बनाई जाए उस कार्य योजना को सिवान जिला प्रशासन गोपालगंज जिला प्रशासन को दिया जाए। साथ ही समाज में नदी की महत्ता को लेकर लोगों को उसके प्रति जागरूक भी किया जाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोपालगंज राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के जिला मंत्री श्री त्रिमूर्ति कुमार पटेल ने अपने विचार रखें उन्होंने कहा कि नदी की अविरलता हेतु सिवान जिला स्तर पर राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन का एक प्रबंध कमेटी का गठन किया जाए।

जिस प्रबंध कमेटी के माध्यम वाणगंगा नदी की अविरलता हेतु लोगों में जागरूकता कार्यक्रम, नदी के किनारे वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं बाणगंगा नदी को अतिक्रमण मुक्त करने हेतु जिला प्रशासन से पत्राचार कर अतिक्रमण मुक्त करने हेतु मांग किया जाए।इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के प्रदेश संयोजक विमल कुमार ने विचार रखते हुए बताया कि नदी अपने अस्तित्व को बचाने के लिए कराह रही है। पर्यावरण का मुख्य अंग नदी के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है।साथ हैं कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए गदाधर विद्रोही राष्ट्रीय संगठन मंत्री ने अपने विचार रखते हुए कहा कि बाणगंगा नदी की अविरलता, स्वच्छता हेतु अध्ययन संवाद यात्रा का आयोजन करने का प्रस्ताव रखा जिसमें राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के गोपालगंज जिला इकाई द्वारा शुरू किया जाएगा जो गोपालगंज के उद्गम स्थल टेड़िया घाट, सासामुसा,गोपालगंज से शुरू होकर ताजपुर,फुलवरिया, सिवान तक आयोजित किया जाएगा।इस बैठक में शैलेंद्र कुमार वर्मा बबलू जी अनीता सिंह जी हिंदुत्व नृत्य उपाध्याय अमित सिन्हा जी मनु राय जी संगीता शुक्ला जी त्रिमूर्ति कुमार पटेल इंजीनियर विमल कुमार गुप्ता गदाधर विद्रोही आदि समाजसेवियों ने भाग लिया।