पूर्व जिप सदस्य हत्याकांड मामले में थाना प्रभारी निलंबित, घंटों चले हंगामे के बीच SP ने उठाए सख्त कदम, 9 दिन पहले जतायी थी हत्या की आशंका

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पटना: पूर्णिया के सरसी में कल देर शाम पूर्व जिला परिषद सदस्य विश्वजीत सिंह उर्फ रिंटू सिंह की अपराधियो ने गोली मारकर हत्या कर दी। सरसी थाना के आगे स्टेट बैंक के पास वह चाय दुकान पर चाय पी रहे थे। तभी अपराधियो ने नजदीक से सर में सटाकर गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

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सबसे हैरत की बात यह है कि एक सप्ताह पहले 3 नवंबर को ही उनपर गोली चली थी। जिसको लेकर उन्होंने सरसी थाना में अपराधी आशीष सिंह उर्फ अटिया के खिलाफ आवेदन दिया था, जिसका थाना कांड संख्या 146/2021 दर्ज है इस घटना के बाद भी पुलिस ने कोई सबक नही लिया और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

रिंटू सिंह के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि आशीष सिंह ने ही हत्या की घटना को अंजाम दिया. हत्या के बाद परिजनों की तरफ से दर्ज कराई गई. शिकायत में भी उसे मुख्य आरोपी बनाया गया है. आशीष सिंह को लेकर रिंटू सिंह के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि वह लेसी सिंह का भतीजा है. इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर इसलिए सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पुलिस ने रिंटू सिंह की तरफ से लिखित कंप्लेन मिलने के बावजूद इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया. घटना के बाद अब स्थानीय थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है।

बता दें कि विश्वजीत सिंह के परिजनों की मानें तो उनके बेटे को बिहार सरकार के मंत्री लेसी सिंह द्वारा मरवा दिया गया है। लेसी सिंह को डर था की आगामी विधान सभा में उन को विश्वजीत से टक्कर मिल सकती हैं। हलांकि अब ये जांच का विषय बन चुका हैं की इस केस के पीछे किनका हाथ हैं इस सुशासन बाबू के राज में बिहार के हर क्षेत्र में आतंक फैला हुआ हैं ये कथन सत्य साबित होता नज़र आ रहा हैं।

रिंटू सिंह के ऊपर 3 नवंबर के दिन भी हमला हुआ था. लिखित कंप्लेन के मुताबिक, रिंटू सिंह दिन के 3:30 बजे जब सरसी आ रहे थे तभी रास्ते में उनके ऊपर हमला किया गया. इस लिखित कंप्लेन में आशीष सिंह के ऊपर रिंटू सिंह ने आरोप लगाए थे. उधर इस हत्याकांड के बाद पूर्णिया में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. लोगों ने आक्रोशित होकर हंगामा किया है. सरसी थाने में आगजनी भी की गयी।

घटना के बाद पहुंचे पूर्णिया पुलिस अधीक्षक दयाशंकर काफी कोशिशों और थानेदार के निलंबन के बाद परिजनों को समझा कर मृत शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेज पाए . घटना के बाद मौके पर पहुंची मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया की हत्या के पीछे बिहार की एक मंत्री का हाथ है क्योंकि मृतक रिन्टू सिंह पत्नी को जिला परिषद में जिताकर खुद अब विधायक के चुनाव लड़ने की तैयारी में थे जिससे नाराज मंत्री के भतीजे ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है।

दरअसल , मृतक रिन्टू सिंह इलाके में काफी लोकप्रिय थे और कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे . मृतक के पीछे समर्थको का भारी हुजूम था जिससे स्थानीय राजनीति में बड़े नेता डरे हुए थे . मृतक की पत्नी के आरोप को लेकर जब एसपी दयाशंकर से पूछा गया तो उन्होंने कहा की अपराधी चिन्हित कर लिए गए और मृतक के परिजनों के बयान के बाद कारवाई होगी . पुलिस अधीक्षक दयाशंकर ने कहा कि इस घटना में सरसी थाना के थाना प्रभारी को निलंबित किया गया है . साथ ही घटना में संलिप्त अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।