प्रियांशु सिंह हत्याकांड : 16 घण्टे बाद भी पुलिस के हाथ खाली ! दोस्तों ने मिलकर दिया है घटना को अंजाम

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  • छोटी सी उम्र में प्रियांशु, अपराध जगत में पसार लिया था पांव
  • परिवार वालों ने उसकी उच्च शिक्षा के लिए कई बड़े-बड़े विद्यालयों में कराया था दाखिला लेकिन परिजनों के मनोकामना पर पानी फेरते हुए प्रियांशु अपराध जगत में रख लिया था पांव

परवेज़ अख्तर/सिवान:
जिले के जी. बी. नगर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी चंद्रशेखर सिंह के पुत्र कुख्यात प्रियांशु सिंह निर्मम हत्या मामले में 16 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है। पुलिस की रटी रटाई जवाब यह है कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। खबर प्रेषण तक घटना में शामिल किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी के लिए प्रशासनिक पुष्टि नही है। हालांकि उक्त घटना को लेकर एसपी अभिनव कुमार के दिशा निर्देश के आलोक में महाराजगंज एसडीपीओ पोलस्त कुमार नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल काम कर रही है। उक्त छापेमारी दल में कई इंस्पेक्टर तथा अवर निरीक्षक लगाए गए हैं। यहां बताते चलें कि रविवार की देर संध्या जिले के दारौंदा थाना क्षेत्र के रुकुंदीपुर दर्शनान्द मठ के समीप पंचायत सरकार भवन के पास कुख्यात प्रियांशु सिंह की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता चंद्रशेखर सिंह के अनुसार उक्त घटना को अंजाम घर से बुलाकर ले जाकर दी गई है।

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सीवान एसपी अभिनव कुमार ने बताया कि घटना में शामिल सभी लोग मृतक प्रियांशु सिंह के साथी हैं। जिन लोगों के साथ प्रियांशु सिंह तथा इसका बड़ा भाई कुख्यात अपराधी गोलू सिंह मिलकर कई छोटे-बड़े घटना को अंजाम कई वर्षों से देते आ रहा है। मृतक कुख्यात प्रियांशु सिंह तथा कुख्यात गोलू सिंह के विरुद्ध जिले के अलग-अलग थाना में कई संगीन मामले दर्ज हैं। उधर मृतक के पिता चंद्रशेखर सिंह के अनुसार उक्त घटना को अंजाम गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के कपिया गांव निवासी आलोक सिंह, महाराजगंज थाना क्षेत्र के सिहौता गांव के ऋषभ जयसवाल, महाराजगंज के गुड्डू साह तथा दारौंदा थाना क्षेत्र के रुकुंदीपुर गांव निवासी राहुल सिंह ने दिया है। उधर मृतक कुख्यात प्रियांशु सिंह के पिता चंद्रशेखर सिंह द्वारा बताए गए उपरोक्त लोगों के नाम व पता का सत्यापन जब सीवान ऑनलाइन न्यूज़ के द्वारा की गई तो उपरोक्त सभी लोग जिले के चर्चित नामी गिरामी कुख्यात अपराधी हैं जिनके विरुद्ध सिवान जिले के जी.बी. नगर तथा महाराजगंज के अलावा अन्य थानों में कई संगीन मामले अंकित है।

उधर पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ महीने पहले कुख्यात ऋषभ जयसवाल, गुड्डू साह, राहुल सिंह तथा आलोक सिंह अपना पांव धीरे-धीरे जी.बी. नगर थाना क्षेत्रों में फैलाने लगा। इस बात की भनक जैसे ही स्थानीय थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिंह को लगी तो श्री सिंह ने उपरोक्त चारों लोगों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी। इसी क्रम में माधोपुर गांव निवासी कुख्यात गोलू सिंह के घर चारों लोगों को छुपे होने की खबर इन्हें मिली तो उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पुलिस टीम का गठन कर माधोपुर गांव में छापेमारी की। जहां पुलिस ने पिस्टल समेत चोरी की बाइक के साथ कुख्यात राहुल सिंह को धर दबोचा था।

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प्रियांशु के घर पर लगा लोगों का जमावड़ा

इसी क्रम में मौके का लाभ उठाकर अन्य अपराधी भाग निकले थे। उसी समय से जी.बी.नगर थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह माधोपुर समेत क्षेत्र के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर पैनी नजर रखे हुए थे। इसी कारण उपरोक्त चारों कुख्यात अपराधकर्मी जी. बी. नगर थाना पुलिस के भय के कारण दूसरा इलाका अख्तियार कर अपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहे। हालांकि इस संदर्भ में जी.बी.नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिंह कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं। उधर उक्त घटना को लेकर मृतक कुख्यात प्रियांशु सिंह के परिजन द्वारा अभी तक दारौंदा थाना पुलिस को कोई लिखित आवेदन नहीं दी गई है कि जिसके आधार पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई प्रारंभ करे।

हालांकि पुलिस मृतक कुख्यात प्रियांशु सिंह के पिता चंद्रशेखर सिंह के मौखिक बयान के आधार पर अनुसंधान प्रारंभ करते हुए घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। यहां बताते चले कि घटना में शामिल चारों लोगों के विरुद्ध जिले के अलग-अलग थाना में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं तथा वे पुलिस के फाइलों में फरार चल रहे है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस भी पूर्व से ही प्रयासरत है। उधर मृतक कुख्यात प्रियांशु सिंह भी जी.बी.नगर थाना में अंकित आर्म्स एक्ट तथा चोरी की बाइक बरामदगी के मामले में फरार चल रहा था। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस काफी प्रयासरत थी। उधर मृतक कुख्यात प्रियांशु सिंह के बड़े भाई कुख्यात गोलू सिंह आपराधिक मामले में जी.बी.नगर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। जो अभी जेल में ही बंद है। परिजनों के मुताबिक उसकी जमानत हो चुकी है लेकिन न्यायालय कार्य में बांधा के चलते फिलहाल वह जेल में बंद है।

शव पहुंचते ही माधोपुर गांव में मचा कोहराम:

जैसे ही कुख्यात प्रियांशु सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार की देर रात्रि उसके पैतृक गांव माधोपुर पहुंचा तो परिजनों के हृदय विदारक चित्कार से गांव में कोहराम मच गया। रविवार की देर रात्रि में ही उसके घर पर लोगों का जमावड़ा लग गया। यहां बताते चले कि मृतक कुख्यात प्रियांशु सिंह के मां का देहांत पूर्व में ही हो चुका है।

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दाह संस्कार करते ग्रामीण

मृतक दो भाइयों में छोटा था। यहां बताते चलें कि मृतक प्रियांशु सिंह बड़े रसूख रखने वाले परिवार से वास्ता रखने वाला छोटी सी ही उम्र में अपराध की दुनिया में धीरे-धीरे पांव पसार कर कई छोटी-बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद दिन पे दिन चर्चित होते गया। हालांकि उसके परिवार वालों ने उसकी उच्च शिक्षा के लिए कई बड़े-बड़े विद्यालयों में दाखिला करवाया। लेकिन परिजनों के मनोकामना पर पानी फेरते हुए प्रियांशु अपराध जगत में पांव रख लिया। अंतः हुआ यूं कि उसके साथी ने उसे गोली मार मौत की नींद सुला दी। यहां बताते चलें कि सोमवार की अहले सुबह प्रियांशु का अंतिम संस्कार गांव स्थित श्मशान घाट में कर दिया गया।