बिहार की पॉलिटिक्स में सचिन तेंदुलकर क्या कर रहे हैं? आप भी जान लीजिए

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पटना: बिहार की राजनीति कभी भी, किसी भी मुद्दे पर मचल उठती है। सचिन तेंदुलकर को लेकर बिहार की सियासत भभक रही है। बिहार से एक हजार किलोमीटर दूर किसान अंदोलन कर रहे हैं। करीब 2 हजार किलोमीटर दूर मुंबई में सचिन तेंदुलकर रहते हैं। बिहार में किसी तरह का किसान आंदोलन भी नहीं है मगर आरजेडी के बाबा (शिवानंद तिवारी) गरम हैं। इस बार ‘बाबा’ सचिन तेंदुलकर पर आपे से बाहर हैं।

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शिवानंद तिवारी को सचिन से चिढ़ क्यों?

बिहार की सियासत आमतौर पर नीतीश, तेजस्वी, चिराग, अपराध, विकास, पलायन तक सीमित रहती है। जो इससे ऊपर उठ जाते हैं वो सियासत को ‘पकड़ते’ रहते हैं। शिवानंद तिवारी वैसे ही नेता हैं। वो उड़ती हुई सियासत को पकड़ लेते हैं। ऐसे में ‘बाबा’ ने इस बार सचिन तेंदुलकर को पकड़ लिया है। दरअसल किसान आंदोलन में विदेशी सिलेब्रिटीज के ट्वीट का जवाब देने से आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी भारत रत्न सचिन तेंदुलकर पर गुस्से में हैं।

शिवानंद तिवारी ने कहा कि किसानों को ट्वीट की राजनीति नहीं आती है। उन्हें ग्रेटा थनबर्ग और सिंगर रेहाना के बारे में नहीं मालूम। उनके ट्वीट के जवाब में भारत रत्न सचिन तेंदुलकर का उतरना देश के लिए अपमान की बात है। शिवानंद तिवारी यहीं नहीं रूके, उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर को जब भारत रत्न दिया गया था, तब भी उन्होंने विरोध किया था। अब एक बार फिर कह रहा हूं कि उनके जैसे व्यक्ति को भारत रत्न देना गलत था। शिवानंद तिवारी ने कहा कि भारत रत्नधारी व्यक्ति तरह-तरह के उत्पादों का विज्ञापन नहीं करता है। यह भारत रत्न का अपमान है।

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सचिन तेंदुलकर ने अपने ट्वीट में क्या कहा था?

ऐसे में अब ये जान लेना जरूरी है कि आखिर सचिन तेंदुलकर ने अपने ट्वीट में ऐसा क्या लिख दिया, जो शिवानंद तिवारी को रास नहीं आया। सचिन तेंदुलकर ने अपने ट्वीट में लिखा था कि ‘भारत की संप्रुभता से किसी भी तरह से समझौता नहीं किया जा सकता। बाहरी ताकतें देख सकती हैं लेकिन इसमें हिस्सा नहीं ले सकती हैं। भारतीय भारत को जानते हैं और भारत को लेकर फैसले ले सकते हैं। एक देश के तौर पर हम एक रहते हैं।’

ट्वीट में ऐसा क्या है जो शिवानंद तिवारी को बुरा लगा। अब ये तो वहीं जानें। लेकिन बिहार की सियासत में सचिन तेंदुलकर का क्या काम है? जहां के लोग रोजी-रोटी के लिए एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में मारे-मारे फिर रहे हैं। सचिन तेंदुलकर के अलावा बिहार में ऐसी बहुत-सी समस्याएं हैं जिस पर शिवानंद तिवारी फोकस करें तो बिहार के लोगों के साथ-साथ अपना भला भी कर पाएंगे। फिर उनको सियासत में बने रहने के लिए सचिन तेंदुलकर का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।

BJP-JDU के निशाने पर शिवानंद तिवारी

जिस देश में क्रिकेट घर-घर और हरदिल बसता हो। जहां सचिन तेंदुलकर को ‘क्रिकेट के भगवान’ का दर्जा मिला हो। भला वैसे देश में इतना कहकर कोई कैसे निकल सकता है। सत्ताधारी पार्टियों (JDU-BJP) ने भी शिवानंद तिवारी पर जोरदार वार किया। जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि विदेशी सेलिब्रिटिज का सम्मान और करोड़ों दिलों पर राज करने वाले महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का अपमान, दरअसल ये काम आरजेडी के नेता ही कर सकते हैं। शिवानंद तिवारी ने न केवल सचिन तेंदुलकर का अपमान किया है। भारत के करोड़ों लोगों को उन्होंने आहत करने का काम किया है। अपने इस विवादित बयान के लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।जेडीयू नेता ने आगे कहा कि अगर शिवानंद तिवारी माफी नहीं मांगते हैं तो आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव को देश की भावनाओं का सम्मान करते हुए शिवानंद तिवारी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करना चाहिए।

तो वहीं बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता निखिल आनंद का कहना है कि जिसे भी भारत रत्न मिला है वह सभी सम्मान के पात्र हैं। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि शिवानंद तिवारी बुजुर्ग होने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी दिवालिया हो गए है। उन्हें किसी मनोचिकित्सक से मिलना चाहिए। निखिल आनंद ने कहा कि इस मामले में लालू यादव के बड़े पुत्र और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी शिवानंद तिवारी को लेकर स्पष्टीकरण देना चाहिए। इसके अलावा तेजस्वी यादव और शिवानंद तिवारी को इस बयान के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।