दुःखद भरी बड़ी खबर:- सिवान के प्रशिक्षु दारोगा का झारखंड में मिला फंदे से लटकता हुआ शव

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  • पुलिस आत्महत्या तो परिजन संदेहास्पद स्थिति में बता रहे है मौत का कारण
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही उठेगा घटना से पर्दा
  • पुलिस के प्रथम अनुसंधान में परिवारिक कलह से तंग आकर प्रशिक्षु दारोगा रानू कुमार सिंह ने की है आत्महत्या
  • यूडी केस दर्ज कर पुलिस कर रही है मामले की अनुसंधान
  • पुलिस महकमे में खलबली तो परिजनों में है कोहराम
  • पाकुड़ जिले के पाकुड़िया थाना में थे पदस्थापित प्रशिक्षु दारोगा रानू कुमार सिंह
  • सिवान जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र के पटेढ़ी के रहने वाले थे प्रशिक्षु दारोगा रानू कुमार सिंह

परवेज़ अख्तर/सिवान:
झारखंड के संथाल परगना अंतर्गत पाकुड़ जिले के पाकुड़िया थाना में पदस्थापित एक प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर ने अपने ही क्वाटर में फांसी लगाकर अपनी जीवन इहलीला को समाप्त कर ली है। उक्त घटना के बाद  झारखंड पुलिस महकमे में खलबली मच गई है तो दूसरी तरफ परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। उक्त घटना शनिवार की रात्रि की बताई जा रही है। घटना की जानकारी तब हुई थी जब रविवार की अहले सुबह तक प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर का प्राइवेट रुम का दरवाजा बंद था और उसके साथियों ने दरवाजा को बंद देखकर आवाज लगाई तो उधर से आवाज न मिलने के कारण उसके साथियों में बेचैनी बढ़ते चली गई। इस बात की सूचना उसके साथियों ने स्थानीय पुलिस को दी। तो मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद बंद पड़े दरवाजा को तोड़ा।

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दरवाजा को तोड़ने के बाद प्रशिक्षु दारोगा रानू कुमार सिंह का शव एक फंदे से लटकता हुआ मिला। तो इस दौरान पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस ने उसका शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए पाकुड़ के सदर अस्पताल भेज दी है।लेकिन मृत प्रशिक्षु दारोगा का शव बिना पोस्टमार्टम किए हुए अस्पताल में पड़ा हुआ है। जहां पर परिक्षेत्र के डीआईजी, एसपी समेत कई पुलिस जगत के कई आला अधिकारियों का जमावड़ा लगा हुआ है। बतादें की मृत प्रशिक्षु दारोगा के पिता के हस्तक्षेप के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई अभी रोक दी गई है। हालांकि उसके पिता झारखंड के लिए गांव से कूच कर गए हैं। शव बरामदगी के पश्चात पुलिस अनुसंधान में जुट गई तथा इसकी सूचना उनके परिजनों को दी है। बाद में पुलिस ने स्टेशन डायरी अंकित करते हुए एक यूडी मामला दर्ज कर अनुसंधान कर रही है। पुलिस के प्रथम अनुसंधान में यह बात सामने आ रही है कि प्रशिक्षु दारोगा जो परिवारिक कलह से तंग होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। प्रशिक्षु दारोगा रानू कुमार जो बिहार के सिवान जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र के पटेढ़ी गांव के रहने वाले हैं। जो गांव के शंकर दयाल सिंह के सबसे बड़े पुत्र हैं।

उधर प्रशिक्षु दरोगा रानू कुमार सिंह के मौत के मसले पर परिजन इसे संदेहास्पद स्थिति में मौत का कारण बता रहे हैं। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह खुलासा संभव हो पाएगा कि प्रशिक्षु दारोगा रानू कुमार सिंह की मौत किस कारण हुई है। उन्हें मौत के घाट उतार कर फंदा पर लटकाया गया है या वे खुद से फांसी लगाकर अपने जीवन की इहलीला को समाप्त कर लिए है ! उधर घटना की सूचना के बाद मृत प्रशिक्षु दारोगा के ससुर मणि भूषण सिंह पाकुड़ के सदर अस्पताल में कैंप किए हुए हैं। यहां बताते चले कि मृतक प्रशिक्षु दरोगा के ससुर जो छपरा जिले के मशरक थाना क्षेत्र के खजूरी गनौली के रहने वाले हैं। जो वर्तमान समय में धनबाद जिला परिषद में सहायक क्लर्क के पद पर पदस्थापित है। मृत प्रशिक्षु दारोगा के ससुर मणि भूषण सिंह ने बताया कि मैं अपनी पुत्री वृक्षा पार्वती की शादी 28 नवंबर 2019 को सिवान जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र के पटेढ़ी गांव निवासी शंकर दयाल सिंह के पुत्र रानू कुमार सिंह के साथ की थी जो अपने परिवार के साथ झारखंड पुलिस में दारोगा के पद पर बहाल होकर प्रशिक्षु दारोगा के पद पर पाकुड़ जिले के पाकुड़िया थाना में पदस्थापित थे। उन्होंने बताया कि बीते माह उनकी पत्नी वृक्षा पार्वती के शरीर से सिजेरियन पर एक बच्ची पैदा हुई।

अकेले रहने के कारण मैं अपने दामाद के सुझाव पर जच्चा बच्चा दोनों को अच्छी देखभाल के लिए अपने क्वार्टर धनबाद में ही लेकर रहते हैं। मृतक के ससुर मणि भूषण सिंह ने बताया कि उनके शरीर से एक 40 दिन की समृद्धि  कुमारी नामक अबोध बच्ची है। उन्होंने बताया कि मृत प्रशिक्षु दरोगा दो भाइयों में सबसे बड़े थे। छोटे भाई शंकर जयसूर्या जो आर्मी में हैं। जो वर्तमान समय में लद्दाख में कार्यरत है। मृत प्रशिक्षु दारोगा के साथ ससुर मणि भूषण सिंह ने बताया कि उनके पिता के आ जाने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई संभव है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रथम दृष्टया में यह मौत का मामला हम लोगों को संदेहास्पद लग रहा है। जिस कारण पोस्टमार्टम की कार्रवाई हम लोगों ने रोक दी है।

प्रशिक्षु दारोगा के मौत के बाद परिजनों पर टूटा दुःखों का पहाड़

और जैसे ही प्रशिक्षु दारोगा रानू कुमार सिंह के मौत की सूचना उनके परिजनों को लगी तो अचानक परिजनों में दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों के हृदय विदारक चीत्कार से मृतक के पैतृक गांव महाराजगंज के पटेढ़ी में मातमी सन्नाटा पसर गया है।उनके दरवाजे पर सगे संबंधियों के जमावड़ा से भरा पड़ा हुआ है। मृतक की मां बबीता देवी जो रोते-रोते बेसुध हो गई है। उनकी आंखों से छलकते आंसुओं को देखकर उपस्थित लोग भी अपनी अपनी आंसू को नहीं रोक पा रहे हैं।

क्या कहते है एसपी 

पाकुड़ एसपी मणिलाल मंडल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद का लग रहा है। पीओ से जुड़े संबंधित थाना को घटना से जुड़े हरेक बिंदुओं पर गहराई पूर्वक अनुसंधान करने का दिशा निर्देश दिया गया है। जिस पर पुलिस काम कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकीय रिपोर्ट आने के बाद ही अनुसंधान में और तेजी लाई जाएगी।