सिवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की कोरोना से नहीं हुई है मौत, तिहाड़ जेल ने खबरों को अफवाह बताया

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  • सुबह से ही सोशल मीडिया पर उड़ाई गई है निधन की अफवाह
  • पिछले 21 अप्रैल को अस्पताल में इलाज वास्ते कराया गया था भर्ती
  • निधन की अफवाह से सिवान में हलचल

परवेज अख्तर /न्यूज़डेस्क:

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पूर्व सांसद डॉ. मोहम्मद शहाबुद्दीन की कोरोना संक्रमण से निधन की खबरों को तिहाड़ जेल प्रशासन ने अफवाह करार दिया है। सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को जेल प्रशासन की ओर से अफवाह बताया गया है। यहां बताते चलें कि पूर्व सांसद के निधन से संबंधित अफवाह करीब शनिवार की 3:00 बजे से ही सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही थी। वायरल के पश्चात उनके परिजनों से लेकर समर्थकों के बीच मायूसी का आलम अल-सुबह से ही देखा जा रहा था। सोशल मीडिया पर उड़ी अफवाह जैसे ही तिहाड़ जेल प्रशासन को लगी तो जेल प्रशासन के होश उड़ गए और जब जेल के वरीय पदाधिकारी ने सोशल मीडिया पर उड़ रही अफवाहों की सत्यता की जांच की तो जांच उपरांत पता चला कि पूर्व सांसद अभी इलाजरत हैं, जब जेल प्रशासन ने दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में पूर्व सांसद को स्विफ्ट वार इलाज कर रहे चिकित्सकों से जानकारी प्राप्त की तो सभी चिकित्सकों ने कहा कि इलाज के पश्चात उनका ऑक्सीजन लेवल कभी घट रहा है तो कभी बढ़ रहा है। लेकिन उनकी स्थिति पूर्व के अपेक्षा अब सामान्य होते जा रही है।

चिकित्सकों के द्वारा दिए गए बयान के हवाले से तिहाड़ जेल प्रशासन ने कहा है कि पूर्व सांसद की हालत गंभीर है। उनका दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में इलाज चल रहा है। बतादें कि आज सुबह से ही राजद के चर्चित नेता सह विकास पुरुष कहे जाने वाले पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की कोरोना संक्रमण से मौत की खबरें आ रही थीं, जिसके बाद तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से इन खबरों का खंडन किया गया। सिवान के चर्चित तेजाब हत्याकांड के मामले में तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे शहाबुद्दीन को पिछले महीने 21 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया गया था। कोरोना संक्रमण के बाद उनकी हालत गंभीर है। शहाबुद्दीन के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले चल रहे हैं। कई मामले न्यायलय में विचाराधीन हैं. यहाँ बताते चलें की तिहाड़ जेल जाने से पूर्व वे बिहार के भागलपुर व सिवान की जेल में भी लंबे समय तक सजा काट चुके हैं।

वर्ष 2018 में जमानत मिलने के बाद वे जेल से बाहर आए, लेकिन जमानत रद्द होने के कारण उन्हें वापस जेल जाना पड़ा। 15 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राजद सांसद को सीवान से तिहाड़ जेल लाने का आदेश दिया था। जहां शहाबुद्दीन अपने पैतृक गांव प्रतापपुर स्थित मस्जिद में जोहर की नमाज अदा करने के बाद सिवान जिला प्रशासन के समक्ष खुद को आत्मसमर्पण कर दिए थे। जहां सिवान जिला प्रशासन ने शहाबुद्दीन को कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली लाया था। तिहाड़ जेल प्रशासन ने सारे कागज़ी कोरम पूरा करने के बाद उन्हें जेल में शिफ्ट कर लिया। वे उसी समय से तिहाड जेल में ही बंद हैं।

….. और शनिवार की अल-सुबह चिपकने लगे लोग टीवी से

राजद के पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले शहाबुद्दीन के कोरोना से संक्रमित व जाँच रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज जारी है। उधर शहाबुद्दीन के निधन की अफवाह को लेकर राजद के बड़े-बड़े लीडर व उनके समर्थकों में मायूसी का आलम शनिवार की अल-सुबह से ही देखा जा रहा था। सिवान लोकसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव के लोग अपने अपने घरों में लगे टीवी से चिपक गए। लोग यह जानने के लिए बेताब थे की यह अफवाह है या हकीकत!