सीतामढ़ी: तेज बारिश में गिरी कच्ची दीवार, एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत

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परवेज अख्तर/एडिटर इन चीफ:
बिहार में लगातार हो रही बारिश अब मुसीबत बनती जा रही है. सीतामढ़ी जिले में मानसून की बारिश से लगातार आम जनजीवन हलकान है. सीतामढ़ी के रीगा प्रखंड के भबदेपुर पंचायत अंतर्गत इस्लामपुर गांव के परिवार पर बारिश कहर बनकर टूटा. शुक्रवार को हुई भारी बरसात के कारण एक दीवार गिर गई. हादसे में एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई. घटना इतनी भयानक थी एक साथ बारिश के दौरान खेल रहे 3 बच्चे मौत के मुंह में समा गए. जानकारी के मुताबिक, भबदेपुर पंचायत के इस्लामपुर गांव वार्ड नंबर 9 निवासी मोहम्मद हासिम शाह के 9 वर्षीय पुत्री जैनब खातून , पांच वर्षीय पुत्र मोहम्मद इनायत और दो वर्षीय पुत्र मोहम्मद फैजान बारिश के दौरान घर के पास खेल रहा था. इसी बीच पुराना जर्जर हो चुका दीवार बच्चों पर गिर पड़ा. मलबे में दबने से तीनों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई. घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बताया जाता है कि बच्चों के पिता नौकरी के सिलसिले में गांव से बाहर थे. बच्चे मां के साथ घर पर थे.

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गांव में मातम

घटना की सूचना पर स्थानीय थाना और दूसरे प्रशासनिक पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और मलबा से बच्चों के शव को बाहर निकला गया. सभी बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया गया है. मामले को लेकर रीगा के बीडीओ नीतू प्रियदर्शनी ने बताया कि मृतक के प्रति प्रशासनिक सहानुभूति है. सरकार द्वारा निर्धारित सभी योजनाओं से पीड़ित परिवार को लाभ पहुंचाने की कोशिश किया जाएगा.

बारिश से बढ़ी परेशानी

पश्चिमी चंपारण के बगहा में बरसाती नदियां फिर से बर्बादी की नई कहानी लिख रही हैं. सैकड़ों परिवारों से उनका सबकुछ छिन गया है. कल तक खुशहाल जीवन जीने वाले लोग आज दाने-दाने को मोहताज हैं. जिंदगी बचाने की जद्दोजहद चल रही है. सरकारी मुलाजिम ग्रामीणों की दुर्दशा देखने तक नहीं आए. नतीजतन, ग्रामीणों की जिंदगी के एक-एक पल भगवान भरोसे कट रहे हैं. बाढ़ की वजह से रामनगर प्रखंड की तीन पंचायतें बगही, सखुआनी और मंचनगवा की सड़कें क्षतिग्रस्त होकर बह गई हैं. मुख्यालय से इन तीन पंचायतों का संपर्क टूट गया है. गांव की होनहार बिटिया पन्ना बीमार हो गई. गांव में इलाज नहीं. तो ग्रामीणों ने चारपाई को स्ट्रेचर बनाया. नदी के बांध को कुदाल चलाकर समतल बनाया. फिर दवा के लिए डॉक्टर के यहां पहुंचाया.