सिवान: पद व गरिमा को त्याग कर मानवता के प्रति समर्पण ही मानवाधिकार है : न्यायमूर्ति

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Siwan Online News

परवेज अख्तर/सिवान: अपने अंदर के अहं, पद, गरिमा, प्रभाव को त्याग कर अपने को मानवता के प्रति समर्पित करना ही सही अर्थों में मानवाधिकार है और यही मानवाधिकार दिवस पर प्रत्येक व्यक्ति की सोच होनी चाहिए। उक्त बातें अधिवक्ता संघ भवन में शनिवार को आयोजित विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सह निरीक्षक न्यायाधीश न्यायमूर्ति सिविल कोर्ट सिवान सुनील कुमार पनवार ने कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य के प्रति प्रेम का भाव जगाना, उसके दर्द को अपने दर्द की तरह अगर अनुभव किया जाए तथा उसके निवारण के प्रति कदम उठाए जाएं तो इससे बढ़कर कोई मानवाधिकार हो ही नहीं सकता। प्रत्येक व्यक्ति को अपने अंदर मनुषत्व का भाव पैदा करना होगा ताकि मानव के अधिकारों की रक्षा हो सके।

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विशिष्ट अतिथि पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शैलेंद्र कुमार सिंह एवं न्यायाधीश न्यायमूर्ति चंद्रशेखर झा ने भी स्पष्ट करते हुए कहा कि विधिक सेवा प्राधिकार का मूल उद्देश्य मानव अधिकार की रक्षा करना ही है इसलिए इस उद्देश्य से न्यायिक कार्य में लगे व्यक्ति भी प्रखंड एवं ग्राम स्तर पर लीगल अवेयरनेस कैपों के माध्यम से जन-जन तक जागरुकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास करते हैं ताकि व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा कर सके। जानकारी और ज्ञान के अभाव में भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित रह जाता है और यह मानवाधिकार का हनन है। इसके पूर्व विशिष्ट अतिथिगणों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार मलिक ने मानवाधिकार से संबंधित कई अहम जानकारियां उपस्थित सदस्यों अधिवक्ताओं एवं अन्य लोगों को दी।

विशिष्ट आगंतुक अतिथियों का स्वागत संघ के अध्यक्ष शंभूदत शुक्ला ने किया जबकि समापन सभा का संबोधन संघ के सचिव प्रेम कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन कवि एवं शायर तंग इनायत पुरी ने किया। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारीगण शुगम कुमारी, रिचा कुमारी एवं सुमन चंद्रा ने भी मानवाधिकार पर अपने उद्गार व्यक्त किया। संघ के वरीय अधिवक्ता, कार्यकारिणी के सदस्य तथा सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता समुदाय विशिष्ट अतिथियों के स्वागत एवं उनके संभाषण को सुनने के लिए संघ भवन में बैठे रहे। कार्यक्रम के समापन के पश्चात विशिष्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति गणों ने सिविल कोर्ट परिसर के प्रकोष्ठ में बने भवन में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ भी न्यायालय कार्य सुगम रूप से कैसे चले इसको लेकर संक्षिप्त बैठक की।