सिवान: बिना वेतन के हम शिक्षकों का कैसे मनेगा दशहरा

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  • दशहरा से पहले वेतन नहीं मिलने पर शिक्षकों ने सरकार से पूछा
  • 09 हजार नियोजित शिक्षकों का दो महीने से नहीं मिला है वेतन

परवेज अख्तर/सिवान: जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पदस्थापित 9 हजार से ज्यादा शिक्षकों को राशि आवंटित होने के बाद भी उनके वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। इसे लेकर शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही है। शिक्षक, अब सरकार और विभागीय अधिकारियों से सवाल कर रहे हैं कि बिना वेतन के हम शिक्षकों और हमारे परिजनों का दशहरा कैसे मनेगा। सरकार के आदेश के बावजूद दशहरा पर्व से पहले वेतन का भुगतान नहीं होने पर शिक्षक संगठनों ने विभागीय अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाया है। प्रगतिशील प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष वसी अहमद गौसी ने कहा कि शिक्षकों के वेतन मद में आवंटन होने के बावजूद भुगतान नहीं किया जाना अत्यंत दुखद बात है। कर्ज के सहारे अपना पेट भर रहे हम शिक्षकों के बच्चे बिना रुपये के दशहरा का मेला कैसे घुमेंगे। शिक्षक नेता ने कहा कि वेतन का भुगतान समय पर नहीं किए जाने को लेकर विभाग की ओर से यह दलील दी जा रही है कि डीपीओ एसएसए के प्रशिक्षण में जाने के कारण डीपीओ स्थापना को एसएसए मद की राशि नहीं प्राप्त हो सकी। इस तरह की दलील देकर विभाग के अधिकारी अपने जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। कहा कि नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर अधिकारियों का रवैया इसी तरह का रहा तो दीपावली तक ही वेतन भुगतान संभव है।

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मुख्यमंत्री से शिक्षक संगठन करेंगे शिकायत

बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के सदर अनुमंडल के उप प्रधान सचिव राकेश कुमार सिंह व पचरूखी के अंचल सचिव जयप्रकाश सिंह ने शिक्षकों का वेतन भुगतान दशहरा से पहले नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि नियोजित शिक्षकों के वेतन मद में राशि की उपलब्धता के बावजूद प्रभार संबंधी विलंबता की वजह से वेतन नहीं मिलना दुखद बात है। इसमें विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही व उदासीनता शामिल है। बताया यह जा रहा है कि डीपीओ के प्रशिक्षण में जाने और प्रभार नहीं देने के कारण राशि की उपलब्धता के कारण वेतन भुगतान नहीं हुआ। बिना वेतन के शिक्षक और उनके परिवार के लोग दशहरा जैसे महत्वपूर्ण पर्व कैसे मनाएंगे। वेतन के अभाव में शिक्षकों की माली हालत पहले से ही बेहद खराब है। दुर्गापूजा का मेला देखने के लिए बच्चे रुपये की मांग कर रहे हैं। अब शिक्षक अपने बच्चों को क्या कहकर मनाएं। नेताद्वय ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के वेतन पर उसका पूरा परिवार निर्भर रहता है। ऐसे में प्रभार को लेकर वेतन नहीं मिल पाना बहुत ही दुखदायी है। कहा कि जल्द से जल्द शिक्षकों के वेतन भुगतान नहीं हुआ तो संघ मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत करेगा।

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