मुखिया हत्या कांड: सिवान के दारौंदा थाना इलाका में 90 दिनों में पांच लोगों की निर्मम हत्या

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  • अपराधियों के लिए सेफ जोन बना सिवान-पैगंबरपुर मुख्य पथ
  • एक के बाद एक हत्याओं में आज तक नहीं लगा किसी का सुराग
  • बलऊं पंचायत के मुखिया सुनील सिंह के परिजनों को मिलना चाहिए न्याय
  • हत्याओं के दौर से दहला दारौंदा

परवेज़ अख्तर/सिवान:
जिले में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासनिक गतिविधियां चुनाव को लेकर काफी तेज हुई है।लेकिन पुलिस की सक्रियता पूर्व की तरह ही धीमी रफ्तार से चल रही है। जिसका नतीजा है कि रविवार को दिनदहाड़े मुखिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में खबर प्रेषण तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी, लेकिन यह हत्या अपने पीछे सिर्फ पुलिस की कमी ही नहीं बल्कि आम आदमी को भी सचेत कर गई कि सुनसान सड़क पर कोई व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। इसका उदाहरण सिवान- पैगंबरपुर मुख्य पथ है।जहां पिछले तीन महीनों में पांच लोगों की हत्या अपराधियों ने कर दी और सुस्त पड़ी दारौंदा थाना की पुलिस किसी भी घटना की जांच कर अपनी पीठ नहीं थपथपा पाई।

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थाना क्षेत्र में तीन माह के अंदर मुखिया सहित हत्या की पांचवीं घटना है। इसमें सिवान- पैगंबरपुर मुख्य पथ हत्या की चौथी घटना है। जबकि एक हत्या रुकुंदीपुर गांव स्थित कटहलबाड़ी बगीचे में हुई थी। इन सभी मामलों में पुलिस अब तक किसी भी अपराधी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। अपनी कमी और कलई को छुपाने के लिए स्थानीय थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह बस अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी का दावा कर पल्ला झाड़ लेते हैं। लेकिन पुलिस के किसी पदाधिकारी के चेहरे पर कोई शिकन नजर नहीं आती है।

एक के बाद एक हत्याओं में आज तक नहीं लगा किसी का सुराग

ज्ञात हो कि 1 जुलाई को सिवान-पैगंबरपुर पथ पर बालबंगरा पेट्रोल पंप के सामने फर्नीचर व्यवसायी मुकेश यादव की हत्या अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में मृतक के भाई कमलेश यादव ने थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी कांड सं. 166/20 में दर्ज कराई थी, इसमें महाराजगंज के गोलू कुमार एवं भोला कुमार को नामजद आरोपी बनाया गया था। वहीं दूसरी घटना 8 सितंबर की रात सिवान-पैगंबरपुर मुख्य पथ पर थाना क्षेत्र के मर्दनपुर में हुई थी, जहां सुप्तावस्था में वेल्डिग दुकानदार विजय प्रसाद की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में मृतक के भाई संजय प्रसाद के बयान पर थाने में प्राथमिकी कांड संख्या 251/20 दर्ज कराते हुए मदन यादव समेत तीन को आरोपित किया गया । तीसरी हत्या 21 जुलाई को रुकुंदीपुर के कटहलबाड़ी बगीचे में हुई जहां बसंतपुर के मोलनापुर निवासी कामाख्या साह के पुत्र धीरज साह की हत्या अपराधियों द्वारा गोली मारकर कर दी गई थी।

इस मामले में मृतक के पिता के बयान पर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वहीं चौथी हत्या 3 सितंबर की रात सिवान- पैगंबरपुर मुख्य पथ पर मध्य विद्यालय करसौत विद्यालय के समीप हुई, जहां अपराधियों ने महाराजगंज थाना क्षेत्र के हरकेशपुर निवासी रामअवतार महतो की हत्या चाकू से गोदकर कर दी थी। साथ ही उसके साथी गांव के अलियास अहमद की चाकू मारकर घायल कर दिया था, जिसका इलाज पटना में चल रहा है। मृतक पिता के बयान पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वहीं पांचवीं हत्या 27 सितंबर को सिवान-पैगंबरपुर मुख्य पथ पर करसौत पुल के पास हुई जहां अपराधियों ने दिनदहाड़े बलऊं पंचायत के मुखिया सुनील सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।

इन सभी घटनाओं में पुलिस अब तक किसी भी अपराधी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस महज कागजी प्रक्रिया पूरी करने में लगी रहती है। आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं से व्यवसायी एवं आम आदमी सहमे हुए हैं। इस संबंध में थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने बताया कि टीम गठित कर सीआइटी द्वारा संदेहात्मक ठिकानों पर छापेमारी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 27 सितंबर को मुखिया की हत्या मामले में स्वजन द्वारा आवेदन नहीं दिया गया है। फिलहाल पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।