मठ में लूट के पीछे किसी अपने का हाथ ! जांच में जुटी पुलिस

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परवेज अख्तर/सिवान : जिले के सिसवन थाने के बखरी गांव स्थित आनंद बाग मठ के महंत राजबल्लभ दास उर्फ जंगली दास के लिखित आवेदन पर सिसवन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है जिसमें आठ-दस अज्ञात नकाबपोश लोगों को आरोपित किया गया है। केस के अनुसंधानकर्ता सिसवन थाने के सहायक अवर निरीक्षक अर्जुन प्रसाद को बनाया गया है। बताते चलें कि गुरुवार की रात्रि पुलिस के वेश में आए अज्ञात अपराधियों ने महंत एवं उनके तीन शिष्यों को हथियार के बल पर बंधक बनाकर मठ में लूटपाट के घटना को अंजाम दिया था, जिसमें 2 लाख नकद 2 मोबाइल, कपड़ा समेत अन्य सामान लूटे गए। ऐसी संभावना है कि इस घटना को अंजाम देने में मठ के करीबी लोगों का भी हाथ हो सकता है, क्योंकि जिस तरह घटना को अंजाम दिया गया है उसे देख कर लग रहा है कि अपराधी मठ के बारे में पूर्व से परिचित थे। उन्हें मठ के भौगोलिक स्थिति का बखूबी ज्ञान था। जिस कमरे में महंत के शिष्य को बंद किया गया था वह एकांत में है, इसके बारे में बहुत कम लोगों की जानकारी है। आनंद बाग मठ में हुए डकैती कांड के बाद से क्षेत्रीय लोगों में दहशत व्याप्त है तथा मठ के शिष्यों में आक्रोश व्याप्त है। सिसवन थाना क्षेत्र में किसी मठ या मंदिर की लूटने की यह पहली घटना हैं। हालांकि वर्ष 2006-07 में किशुनबारी के एक व्यक्ति के पास से एक अष्टधातु की मूर्ति बरामद की गई थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष आनंद बिहारी ने उसे मूर्ति के साथ गिरफ्तार किया था, जिसकी अनुमानित कीमत करोड़ों में थी।

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