नामांकन नहीं होने से छात्रों में आक्रोश, हंगामा

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परवेज अख्तर/सिवान : जिले के गुठनी प्रखंड के तीन प्रमुख विद्यालयों में नामांकन को लेकर छात्रों को काफी परेशानी हो रही है। विद्यालय प्रशासन की शिथिलता के कारण बच्चों में आक्रोश देखा जा रहा है। इससे क्षुब्ध छात्रों ने बाबा बाल नाथ हाई स्कूल चिताखाल परिसर में सोमवार को हंगामा किया। नामांकन कराने आए छात्रों का आरोप है कि वे लगातार तीन दिनों से विद्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनका एडमिशन नहीं हो पाया है। छात्रों का कहना था कि आज चौथे दिन भी फॉर्म नहीं मिल रहा है। अगर हम लोगों का नामांकन नहीं हुआ तो पढ़ाई एक साल पीछे हो जाएगी। छात्रों का आरोप है कि सुबह से आकर शाम तक रुकने के बावजूद भी फॉर्म नहीं मिल रहा है, जबकि दलालों को आसानी से नामांकन फॉर्म मिल जाता है। सुदूर दियारा एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए छात्रों का आरोप है कि एडमिशन फॉर्म के नाम पर 20 से 25 रुपये लिया जाता है। वहीं एडमिशन में भी सरकारी मापदंड का भी बिल्कुल ख्याल नहीं रखा जाता। सरकार ने जो फीस रखी है उससे अधिक नामांकन के एवज में पैसा लिया जा रहा है। मौके पर अपूर्ण तिवारी, निशा मद्देशिया, मनीषा वर्मा, सुजीत पांडेय, अनुज कुमार, अंकित शाह, अभिजीत कुमार, शशि कुमार, अनिकेत सिंह, विशाल यादव, अभिषेक कुमार, धनन्जय राज, अभिषेक कुमार गुप्ता, युवराज साहू, कृष्ण पटेल, प्रियंका तिवारी, कुमारी निर्मला यादव, प्रीति कुमारी, कुमारी नीलम यादव, कुमारी सुलेखा यादव, सुषमा कुमारी, छात्र मौजूद थे। वहीं विद्यालय प्रशासन ने फॉर्म में अधिक पैसे लेने से साफ इन्कार किया है। उनका कहना है कि जिला से नामांकन के लिए अभी तक कुल 496 फॉर्म ही मिल पाया था। छात्रों की संख्या अधिक है। इससे ये समस्या उत्पन्न हुई है।

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विद्यालय प्रशासन ने छात्रों को दिया आश्वासन

प्रखंड के लोक मान्य तिलक हाई स्कूल, प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय, बाबा बाल नाथ हाई स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि जिन छात्रों का एडमिशन नहीं हुआ है वो अपना सारा कागजात लेकर 15 दिनों के अंदर एडमिशन करा सकते हैं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार लोकमान्य तिलक हाई स्कूल में 215, बीबीएन हाई स्कूल में 225 और प्रोजेक्ट बालिका में 50 एडमिशन हुआ है। लोक मान्य तिलक हाई स्कूल के प्रधानाचार्य युगल किशोर पांडेय का कहना है कि संसाधनों की कमी के वावजूद हम छात्रों का एडमिशन लेंगे।