अपराधियों ने नवयुवक की गर्दन रेत की निर्मम हत्या, सनसनी

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घटनास्थल पर पड़ा मृतक का शव
घटनास्थल पर पड़ा मृतक का शव

गांव के बारात में शामिल होने व आर्केस्ट्रा देखने गया था घर बोल कर बिकास

इकलौता पुत्र था मृतक, मृतक के पिता विदेश में करते है मजदूरी

घटना : रामपुर बिशुनपुर गांव की

परवेज़ अख्तर/सिवान:- जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के रामपुर बिशुनपुर गांव के चवँर से शनिवार की तड़के एक नवयुवक का गला रेता शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई तथा गाँव में तरह-तरह के चर्चा के साथ दहशत का माहौल कायम हो गया।बरामद शव की पहचान उक्त गांव के बलिराम शर्मा के 19 वर्षीय एकलौते बेटे बिकास कुमार शर्मा के रूप में हुई है।मृतक शुक्रवार की रात्रि गाँव के सचिदानन्द के घर आई बारात में शामिल होने व बारात में आयोजित ऑर्केष्ट्रा देखने के लिए अपने घर के लोगों से बोल कर निकला हुआ था।लेकिन जब देर रात्रि तक बिकास घर नही लौटा तो परिजनों ने उसकी तलास शुरू कर दी।लेकिन उसका कहीं सुराग नही लगा।उधर बिकास का कहीं सुराग नही लगने से परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई परिजनों ने जब बिकास के मोबाइल पर भी फोन लगाई लेकिन उसका मोबाइल बंद बता रहा था।मोबाइल बंद होने से परिजनों की बेचैनी और बढ़ते चली गई।अभी परिजन अपने लाड़ले बिकास की तलाश में लगे ही थे की तब तक शनिवार की तड़के एक मनहूस खबर मिली की उसका शव खून से लथपथ चँवर में पड़ा हुआ है। उक्त मनहूस खबर परिजनों को शौच के लिये निकले ग्रामीणों द्वारा प्राप्त हुई।सुचना पाकर परिजनों ने दहाड़ मार रोते-बिलखते घटनाथल पर पहुँचे और अपने लाड़ले का खून से लथपथ शव को देख कर निहार-निहार दहाड़ मार बिलखने लगे।बतादें की अपराधियों ने बिकास के शरीर पर आधा दर्जन से अधिक जगहों पर तेज धारदार चाकुओं से वार किया है।उधर बाद में ग्रामीणों ने इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी जहाँ मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने पँचनामा के आधार पर शव को बरामद कर पोस्मार्टम हेतु सदर अस्पताल भेज दिया।इस घटना के सन्दर्भ में पूछे जाने पर थाना प्रभारी अभिजीत कुमार ने बताया की ग्रामीणों की सुचना पर शव को बरामद कर पोस्मार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया गया।उधर पुलिस ने परिजनों के प्रथम मौखिक बयान के आधार पर तफसिस शुरू कर दी है। पुलिस बारी-बारी से परिजनों का बयान लेकर अनुसंधान कर रही है। उधर सूचना पाकर सदर अस्पताल में एएसपी कांतेश मिश्रा समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी भी पहुंचे हुए थे।

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…और आखिर चंवर में कैसे पहुँचा बिकास?

जब बिकास गाँव में आई एक बारात में शामिल होने व आयोजित ऑर्केष्ट्रा देखने घर से बोल कर निकला था तो वह कैसे एक सुनसान जगह पर पहुँच गया? आखिर सुनसान जगहों पर ठिकाना लगाने के लिए कौन सी तरकीब अपराधियों ने अपनाई? यह बातें अपने आप में एक सवाल को जन्म देता है। जहाँ हत्यारों ने उसे बेरहमी से गला रेत हत्या कर डाली। घटनास्थल को देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था की बिकास की निर्मम हत्या करने से पूर्व अपराधियों से वह खूब लड़ा -भीडा था। शरीर के जख्म यह भी यह बयां कर रहे थे की अपराधियों ने हत्या करने के पूर्व उसकी बेरहमी से लाठी-डंडा से पीट-पीट कर मूर्छित कर दिए होंगे ताकि अपराधियों की मंशा पूरी हो जाये। और वह घटना को अंजाम देने में सफल हो जाये।

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मृतक के मोबाइल से खुल सकता है हत्याकांड का राज !

मृतक बिकास के मोबाइल फोन से हत्या कांड का राज पल-भर में खुल सकता है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने वरीय पुलिस पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में मृतक का मोबाइल नं भी इकठ्ठा कर उक्त नं का कॉल डिटेल्स इकठ्ठा करने में जुटी हुई है। ताकि हत्या कांड के अनुसंधान में पुलिस को तह तक जाने के लिए सहूलियत मिले और पुलिस घटना का पर्दाफास तुरंत कर सके। सूत्रों की माने तो पुलिस प्रथम कड़ी के अनुसंधान में यह बात की जाँच कर रही है की आखिर बिकास जब बारात में शामिल होने व ऑर्केष्ट्रा देखने घर से बोल कर निकला हुआ था तो वह कैसे सुनसान जगह पर चला गया? अगर घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों द्वारा उसे अगवा कर ले जाते तो गाँव में आयोजित बारात में बहुत सारे सराति व बाराती मौजूद थे। सराती व बरातियों की मौजूदगी देख अपराधियों के रूह तक कांप उठते। यहाँ गौर करने की बात है की बिकास को सुनसान जगह पर हत्या की मंशा से ले जाने के लिये अपराधीयों ने जरूर कोई न कोई तरकीब का सहारा लिया होगा? अब रही बात की सबसे पहले हत्या कांड का सहारा बने वह कौन से लोग है सबसे पहले पुलिस इसकी तलाश कर लेगी तो पुलिस को इस घटना के तह तक जाने के लिए काफी मदद मिलेगी। हालांकि पुलिस इस मसले पर भी जाँच कर रही है।

कही प्रेम-प्रसंग में तो नही गयी जान?

उम्र 19 वर्ष के करीब ,भोला -भाला माशुम चेहरा, गाँव में मिलनसार के रूप में पहचान , दूर-दूर तक किसी से अनबन की शिकायत नही। यह उक्त बातें मृतक के गाँव के हर गली गलियारों में खूब गूँज रही है। इस चर्चा और पुलिस के प्रथम अनुसंधान को सहेज कर देखा जाये तो घटना कही प्रेम-प्रसंग का भी हो सकता है? लेकिन इतना जल्दबाजी कहना बेईमानी कही जायेगी। हालांकि मामला दूर-दूर तक प्रेम-प्रसंग का ही लग रहा है। कारण मृतक का उम्र और घटनास्थल का सुनसान जगह होना!

सदर अस्पताल पहुंचे कांतेश मिश्रा
सदर अस्पताल पहुंचे कांतेश मिश्रा
ऑर्केष्ट्रा के धुन से अपराधियों को मिले होंगे फायदे !

गाँव में आई बारात में चल रहे ऑर्केष्ट्रा के धुन से घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों को फायदे जरूर मिले होंगे। जब अपराधी बिकास को बेरहमी से पीट रहे होंगे तो क्या वह अपना मुँह बन्द कर लिया होगा ? क्या वह अपराधियों से लड़ता-भिड़ता नही होगा? लेकिन घटनास्थल से गाँव तक बिकास की दहाड़ने की आवाज इसलिए नही जाती होगी की सराती व बाराती ऑर्केष्ट्रा देखने में मशगूल होंगे। तथा ऑर्केष्ट्रा की धुन के आगे बिकास की दहाड़ने की आवाज फीकी रह जाती होगी। इस लिए इसे यूँ कहा जा सकता है की आयोजित ऑर्केष्ट्रा की धुन से अपराधियों को जरूर फायदा मिला होगा?

“आरे हमार रजऊ के , के मार देहलस हो दादा” की आवाज सुन विदेश में मूर्छित हुए पिता
रात भर बेचैनी के आलम में कटी थी रातें

मृतक बिकास के पिता बलिराम शर्मा की शुक्रवार की रात्रि बेचैनी में कट रही थी और उन्हें नींद नही आ रही थी। लेकिन शुक्रवार की रात्रि में ही वे अपने घर फोन करने वाले थे। लेकिन ज्यादा रात हो जाने के चलते उन्होंने घर पे फोन नही किया। किसी तरह वे बिना नींद की रातें काली रात समझ कर गुजारी और जब वे पूरे नींद से लथपथ बेचैनी के आलम में अपने घर शनिवार की तड़के फोन कर घरेलू हाल चाल लेने की कोशिश की तो जैसे ही उनके घर के मोबाइल पर ट्रिन-ट्रिन की घण्टी बजती है तो उनकी पत्नी द्वारा मोबाइल को रिसिभ किया जाता है और रिसिभ होते ही अचानक उनके रिसिभ मोबाइल फोन पर आवाज सुनाई देती है की ” अरे हमार रजऊ के, के मार दिहलस हो दादा” आरे हमार बिकास तू हमनी के छोड़ के कहाँ चली गईल हो रजऊ। बस इतना ही सुन मृतक बिकास के पिता विदेश में मूर्छित हो जाते है। तो आस -पास के लोग उनके मूर्छित होते देख दंग रह गए और फोन भी नही कटा था फिर विदेश में रह रहे उनके साथी ने उसी निरंतर जारी कॉलिंग मोबाइल फोन उठा कर रिसिभ किये हुए लोगो से पूछा की क्या हुआ है की मेरा विदेशी साथी बलिराम शर्मा फोन रिसिभ करते ही क्यों मूर्छित हो गए है तो परिजनों ने घटना की पूरी जानकारी विदेश में रह रहे मृतक के पिता के दोस्तों को बताई।

शव पहुँचते ही गाँव में मचा कोहराम

जैसे ही बिकास का शव पोस्मार्टम के बाद उसके पैतृक गांव पहुँचा तो परिजनों के हृदय बिदारक चीत्कार से पूरा गाँव ग़मगीन हो गया। मृतक के माँ धर्मशीला देवी अपने इकलौते लाडले के ग़म में बेसुध हो गई थी। तीन बहनों के बीच में वह इकलौता भाई था। उधर बहनों के बिलखते देख उपस्थित ग्रामीण भी सदमे से नही उबर पा रहे थे। उनके भी आँखो से आँसुओ के कतरे बह रहे थे।

क्या कहते है थाना अध्यक्ष

बिकास हत्याकाण्ड के तफसिस कर रहे थाना अध्यक्ष अभिजीत कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा की ग्रामीणों की सुचना पर हत्या कर फेंका गया शव को बरामद कर पोस्मार्टम की प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। अभी तक परिजनों द्वारा कोई भी लिखित शिकायत नही दी गई है ताकि जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। वैसे परिजनों के मौखिक बयान के आधार पर गहराई पूर्वक जाँच की जा रही है।