हाईकोर्ट और निदेशक के आदेश की कर रहें हैं अवहेलना

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परवेज अख्तर/सिवान : बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक पचरुखी के अंचल सचिव जयप्रकाश सिंह एवं अनुमंडल उप सचिव राकेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी को आवेदन देकर कार्यकाल समाप्ति हाईकोर्ट एवं विभागीय निर्देशों के आलोक में पुराने बीआरपी और सीआरसीसी को मूल विद्यालय में भेजने की मांग की है। दिए गए आवेदन में कहा है कि बिहार शिक्षा परियोजना ने बीआरपी एवं सीआरसीसी के लिए नई नियमावली 2017 बनाई और चयन प्रक्रिया शुरू की तो जिले के रामसागर यादव सहित राज्य के सैंकड़ों बीआरपी एवं समन्वयकों ने उक्त नियमावली पर आपत्ति करते हुए सीडब्ल्यूजेसी नंबर 1958/2018 दाखिल की। एकल बेंच से हारने पर उक्त मामला डबल बेंच में गया। लेकिन डबल बेंच ने भी पुराने सीआरसीसी एवं बीआरपी को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूल विद्यालय में भेजने के लिए विभागीय निर्देश को ठीक माना और पुराने लोगों को इसके लिए अयोग्य करार दिया। राज्य शिक्षा परियोजना के निदेशक संजय सिंह ने 13 अगस्त 2018 को पत्रांक 4582 एवं 18 सितंबर 2018 को पत्रांक 5498 का हवाला देते हुए लिखा है कि विभागीय निर्देश और हाईकोर्ट की अवमानना करते हुए जिले के शिक्षा पदाधिकारियों की मिलीभगत से पुराने बीआरपी और सीआरसीसी पद पर रह कर शिक्षकों का आर्थिक और मानसिक रूप से शोषण कर रहे हैं तथा विभाग को भी खोखला कर रहे हैं। बिहार शिक्षा परियोजना के चयन प्रक्रिया में मापदंडों को पूरा नहीं कर पाने से जिले में मात्र पांच बीआरपी ही चुने जा चुके हैं, जबकि कई संकुल के समन्वयकों के पद रिक्त रह गए। कई पुराने सीआरसीसी एवं बीआरपी आज भी कार्य कर रहे हैं।