रुकुंदीपुर में शव पहुंचते ही मचा कोहराम

0
maut

परवेज़ अख्तर/सीवान : जिले के दारौंदा थाना क्षेत्र के रुकुंदीपुर गांव में गुरुवार की देर संध्या गोपालगंज में हुए सड़क दुर्घटना में मौत के बाद रविशंकर का शव पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि थाना क्षेत्र के रुकुंदीपुर गांव निवासी परशुराम दुबे के पुत्र रवि शंकर दुबे (30) स्कार्पियो से गोरखपुर से लौट रहे थे तभी गोपालगंज जिले के मीरगंज मोड़ के समीप खाई में स्कार्पियो अनियंत्रित होकर गिर गई, जिसमें उसकी मौत हो गई थी, जबकि उसके भाई शत्रुघ्न दुबे भी घायल हो गए जिनका इलाज चल रहा है। गोपालगंज की पुलिस शव के पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। वहीं परिजनों के चीत्कार से पूरा गांव में शोक फैल गई। मृतक की पत्नी रश्मि कुमारी,पुत्री नंदनी कुमारी, मुस्कान कुमारी, गौरी कुमारी, पूर्णिमा कुमारी आदि का रो रोकर बुरा हाल है। ज्ञात हो कि रविशंकर दुबे की शादी 2016 में हुई थी। इस घटना में उनके बड़े भाई शत्रुघ्न दुबे भी गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका इलाज चल रहा है।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2023-10-11 at 9.50.09 PM
WhatsApp Image 2023-10-30 at 10.35.50 AM
WhatsApp Image 2023-10-30 at 10.35.51 AM
ahmadali
WhatsApp Image 2023-11-01 at 2.54.48 PM

मालदीव में दारौंदा के मजदूर की मौत

दारौंदा थाना क्षेत्र के बगौरा पंचायत के नंदु टोला के मजदूर हृदयानंद महतो के पुत्र की राजू महतो की मालदीप में मजदूरी के दौरान छत से गिर जाने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि राजू महतो मालदीव में कंस्ट्रक्शन लाइन में मजदूरी करता था। मई 2019 में वापस आने वाला था। गुरुवार को करीब 2 बजे परिजनों को कंपनी वालों ने फोन कर बताया कि एक साइट पर शटरिंग का काम चल रहा था। सुबह करीब 9 बजे एक शटरिंग टूट कर गिर जाने से राजू महतो की मौत हो गई। कंपनी वालों ने परिजन के अधिकृत व्यक्ति को शव पटना एयरपोर्ट पर सौंपने की बात कही। शुक्रवार को कागजात बनाने के लिए परिजन महाराजगंज गए हुए थे, रविवार तक शव के पटना पहुंचने की उम्मीद है। राजू महतो चार भाई एवं दो बहनों में तीसरा है। सभी भाई दिल्ली एवं महाराष्ट्र में मजदूरी करते हैं। राजू की कमाई से ही परिवार का काम चलता था। राजू की पत्नी गुड़िया देवी एवं पुत्र बुलबुल, महेंद्र एवं बजरंग समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजू महतो के मासूम बच्चों को देख हर कोई की आंखें नम हो जा रहीं थीं।