जिसने कराई लुकाछिपी से रजिस्ट्री उन्होंने ही दिया घटना को अंजाम

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शोकाकुल परिजन
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इसी कुएं से बरामद हुआ गुड्डू का शव

परवेज अख्तर/सिवान : परिजनों का आरोप है कि जिन लोगों ने चोरी छूप्पे भूमि की रजिस्ट्री कराई है उन्हीं लोगों ने एक षड्यंत्र एवं साजिश रचकर गुड्डू सिंह की हत्या कर उसके शव को कुएं में फेंक दिया है। हालांकि उसके परिजनों द्वारा खबर प्रेषण तक कोई लिखित शिकायत स्थानीय थाने के सुपुर्द नहीं किया गया था, लेकिन मौखिक आधार पर उसके परिजनों ने सारी बातें पुलिस को बता दी है। बता दें कि मृतक गुड्डू सिंह के हिस्से में पुश्तैनी जमीन लगभग छह बीघा है और गांव एवं आसपास के लोगों से वह लगभग ढाई बीघा जमीन रजिस्ट्री कर चुका है। परिजनों का कहना है कि भूमि रजिस्ट्री करने की जानकारी हमलोगों को पहले नहीं हुई। रजिस्ट्री के बाद हमलोगों को जानकारी हुई। परिजनों ने सीधा आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने भूमि रजिस्ट्री करा कर उसे पैसा नहीं दिया, उन्हीं लोगों ने एक षड्यंत्र रचकर उसकी हत्या करा दी और परिजनों पर संदेह पैदा करने के लिए उसके शव को बथान से 20 मीटर की दूरी पर कुएं में ठिकाना लगा दिया गया है। कारण यह है कि गुड्डू ने जिन्हें भूमि रजिस्ट्री की है उन लोगों से रुपये मांगने पर उसे बार बार दौड़ाया जाता था। पुत्र के नामांकन में पैसे की कमी से वह भोपाल से लौट कर उन्हीं लोगों के पास आया और दो दिन पूर्व उसी गांव में ही देखा गया था, लेकिन दो दिन बाद ही उसका शव कुआं से बरामद हुआ।

घटना के बाद परिजनों का रो रो कर बुरा हाल

जी. बी. नगर थाना क्षेत्र के भगवानपुर में गुड्डू सिंह के शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के चीत्कार से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। गुड्डू सिंह (40) के शव बरामदगी के बाद से उसकी पत्नी मीरा देवी को जड़, जोरू की चिंता सता रही है। मृतक को पुत्र प्रियांशु कुमार (12),पुत्री कृति कुमारी (15) है। मृतक अपने घर पर ही रहकर खेती-बारी का काम करता था। परिजनों का कहना है कि गुड्डू सिंह अपने पुत्र प्रियांशु कुमार को अच्छी शिक्षा के लिए उसका नामांकन कराने भोपाल गया हुआ था, लेकिन वह वहां पर पत्नी एवं बच्चे को छोड़कर अचानक घर कैसे लौट आया किसी को कुछ भी मालूम नहीं है।

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शोकाकुल परिजन व अन्य

मृतक के चाचा रह चुके हैं बड़हरिया प्रखंड प्रमुख

मृतक गुड्डू सिंह के चाचा श्रीकृष्ण सिंह 1978 से लेकर1990 तक बड़हरिया प्रखंड का प्रखंड प्रमुख रह चुके हैं। परिजनोंका कहना है कि गांव में उससे किसी का अनबन नहीं था, लेकिन इतनी बड़ी घटना कई सवालों को जन्म देता है।

शव निकालने के लिए कुएं में भरा गया पानी

गुड्डू सिंह का शव जिस कुएं में था उसे ग्रामीणों ने कचरे डाल कर भर दिया था, लेकिन मंगलवार की सुबह शव को बाहर निकालने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। ग्रामीणों के अनुसार पंपिंग सेट चलाकर कुएं में पानी भरा गया। इसके बाद शव पानी के दबाव से ऊपर आ गया और इसके बाद गुड्डू के शव को बाहर निकाला गया।

गोबर इकट्ठा करने गई महिला ने कुएं से आया दुर्गंध पर मचाई शोर

गांव की एक महिला कुएं के पास गोबर इकट्ठा कर रही थी तभी कुएं से दुर्गंध आने के बाद महिला एवं उसके बच्चे परेशान हो गए। इस बात की जानकारी महिला ने ग्रामीणों को दी। सूचना पाकर दर्जनों की संख्या में ग्रामीण कुएं के पास पहुंचे तो एक शव दिखाई दिया और अंधेरा होने के कारण शव की पहचान पूरी तरह से नहीं हो पा रही थी। जब ग्रामीणों ने ध्यान से देखा तो शव की पहचान गुड्डू के रूप में हुई। पहचान के मौके पर पहुंचे परिजन फफक-फफक कर रोने लगे।

गुड्डू की मौत की खबर पाकर पत्नी व बच्चे कूच कर गए घर के लिए

बड़े अरमान के साथ जिस पुत्र प्रियांशु का नामांकनकराने पिता गुड्डू सिंह, पत्नी मीरा देवी के साथ लेकर गए थे लेकिन वह सपना उसके पिता की मौत के बाद धरे के धरे रह गया। घटना के बाद उसकी पत्नी मीरा देवी एवं पुत्र प्रियांशु घर के लिए कूच कर गए हैं।

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