57 हजार हेक्टेयर की फसल बर्बाद, नहीं हुई इनपुट अनुदान की घोषणा

0
dhan ka fasal

परवेज़ अख्तर/सिवान : जिले में जुलाई में सामान्य से 50 फीसद से अधिक बारिश हुई थी। बारिश के साथ-साथ बाढ़ का कहर भी था। ऐसे में निचले इलाकों में धान की फसल को भारी क्षति हुई। इसका सर्वे कृषि विभाग ने पूरे जिले में कराया लकड़ीनबीगंज, गोरेयाकोठी, बसंतपुर, भगवानपुर हाट, गुठनी, दरौली, रघुनाथपुर, सिसवन सहित सभी प्रखंडों में कमोवेश नुकसान पाया गया।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
ahmadali
dr faisal

कुल 57 हजार हेक्टेयर में पूरे जिले में फसल क्षति का आकलन किया गया, जिसे जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा राज्य को प्रतिवेदन भेजकर सूचित कर दी गई, लेकिन हैरान करने वाली बात है कि कई जिलों में बिना आकलन के ही कृषि मंत्री ने पहले ही तत्काल इनपुट अनुदान देने की घोषणा कर दी। जिले में फसल क्षति से संबंधित प्रतिवेदन जाने के बाद भी कोई घोषणा नहीं की गई। जिले के किसान इसको लेकर काफी चितित हैं।

किसानों को इस बात का मलाल है कि सरकार विधानसभा चुनाव को लेकर हर वर्ग पर मेहरबान है। इनपुट अनुदान देने में इस जिले के साथ कोताही की गई तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कोरोना महामारी के बीच किसानों ने एक-एक रुपये किसी तरह एकत्र कर खरीफ सीजन की खेती की थी। ऐसे में शीघ्र अनुदान की घोषणा नहीं की जाती है, तो किसानों की कमर टूट जाएगी। इसी महीने के अंत तक आदर्श आचार संहिता भी लग सकता है। जिससे घोषणा के बाद भी किसानों को इनपुट अनुदान लेने में परेशानी होगी। इसका ध्यान सरकार व विभाग दोनों को करना चाहिए।

क्या कहते हैं पदाधिकारी

जिले में विभाग द्वारा फसल क्षति का सर्वे कराकर राज्य को रिपोर्ट भेज दी गई है। जैसे ही इनपुट अनुदान की घोषणा की जाएगी। किसानों से आवेदन लेकर भुगतान शुरू करा दिया जाएगा।

राजेंद्र कुमार पाल, जिला कृषि पदाधिकारी, सिवान