तेज प्रताप यादव का एक और 2 मिनट, इस बार विधानसभा स्पीकर से अकेले में मिलना चाहते हैं लालू के लाल

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पटना: बिहार विधानसभा में हसनपुर से विधायक और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा से दो मिनट अकेले में मिलना चाहते हैं। पटना में विधानसभा सत्र के आखिरी दिन मीडिया वालों के सामने आए तेज प्रताप यादव ने कहा कि वो स्पीकर साहब से अकेले में दो मिनट मिलना चाहते हैं। मीडिया वालों ने पूछा कि किस विषय पर मिलना चाहते हैं तो जवाब में तेज प्रताप यादव ने कहा कि पर्सनल कुछ विषय है, दो मिनट मिलना चाहते हैं। जाते-जाते मीडिया वालों से मुस्कुराते हुए बोल गए- आप लोग तो जानते ही हैं दो मिनट का मतलब।

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तेज प्रताप यादव जिस दो मिनट का मतलब पत्रकारों को पता होने की बात कहकर मुस्कुरा रहे हैं दरअसल में वो इतना हास्यास्पद मामला नहीं है। हुआ ये था कि एक यू-ट्यूब पत्रकार वेद प्रकाश कुछ समय पहले तेज प्रताप यादव का इंटरव्यू लेने गया था जिसे उन्होंने माइक-कैमरा रखकर दो मिनट बात करने के लिए चलने कहा था। तेज प्रताप इस दौरान वेद प्रकाश का स्टिंग ऑपरेशन कर रहे थे।

तेज प्रताप के दो मिनट बात करने की बात पर वेद प्रकाश अनहोनी की आशंका में अपनी कार से वहां से निकल जाते हैं जिनका पीछा करते हुए तेज प्रताप पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के आवास तक जाते हैं और दिखाते हैं कि वेद प्रकाश की कार उनके घर से निकलकर यहां लगी है। तेज प्रताप यादव ने तब आरोप लगाया था कि पूर्व सीएम मांझी के इशारे पर उनको और लालू यादव परिवार को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है और कुछ पत्रकार मांझी के आवास से डील हो रहे हैं।

बाद में तेज प्रताप यादव ने पत्रकारों से कहा था कि उनके दो मिनट का मतलब था कि वो घर के दरवाजे पर आए आदमी का सम्मान करना चाहते हैं, उसे रसगुल्ला खिलाना चाहते हैं, समोसा खिलाना चाहते हैं, मिठाई खिलाना चाहते हैं। तेज प्रताप यादव ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने वेद प्रकाश को भी सम्मान देने के लिए ही दो मिनट बुलाया था लेकिन वो भाग गए।

विधानसभा की बात करें तो पांच दिन का सत्र गुरुवार को समाप्त हो गया। इस दौरान आरजेडी के नेतृत्व में विपक्ष ने सदन का ज्यादातर दिन बहिष्कार किया। अग्निपथ आंदोलन के खिलाफ कार्यस्थगन प्रस्ताव को लेकर अड़े आरजेडी और कांग्रेस के प्रस्ताव को दोनों सदनों में मंजूरी नहीं मिली जिसके बाद मंगलवार को दोपहर बाद से ही ज्यादातर समय आरजेडी के विधायक सदन से बाहर रहे।