बड़हरिया: अटखंभा के तीन युवकों को गिरफ्तार कर ले गयी लखनऊ एसआइटी की टीम, चर्चाओं का बाजार गर्म

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परवेज अख्तर/सिवान: शनिवार की सुबह लखनऊ से आयी एसआइटी की टीम ने बड़हरिया थाना क्षेत्र के अटखम्भा गांव से तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया.शनिवार की सुबह करीब पौने नौ बजे इनोवा व बोलेरो से आयी यूपी के लखनऊ कैंट थाना से आयी एसआईटी के जवानों ने सबसे पहले अटखंभा के एहतेशामुर्रहमान उर्फ प्यारे बाबू के घर पहुंची.लखनऊ एसआइटी के जवानों ने   एहतेशामुर्रहमान उर्फ प्यारे बाबू घर पहुंचते ही उनके 20 वर्षीय  पुत्र मंजर इकबाल को पहले अपनी गिरफ्त में ले लिया. उसके बाद दो वाहनों से आये 12 पुलिसकर्मी उससे कुछ पूछताछ करने के बाद सीधे अटखंभा के सफीर अहमद के घर पहुंचकर उनके दोनों बेटों सरफराज अहमद(20) व काशिफ कशान(20) को गिरफ्तार कर लिया.

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ग्रामीण कुछ समझ पाते इसके पहले ही एसआइटी के जवान तीनों युवकों को लेकर चले गये. अलबत्ता, युवकों की गिरफ्तारी के दौरान ग्रामीणों ने जब यह जानने की कोशिश की-इन तीन युवकों को पुलिस कहां  ले जा रही है व किस जुर्म में ले जा रही है तो एसआइटी के जवानों ने लोगों पर नाराज होते हुए बंदूक तान दी. कोई सटीक जवाब नहीं दिया. इसलिए परिजन व ग्रामीण काफी परेशान नजर आये. वहीं सरफराज व काशिफ कसान की मां रशीदा खातून का कहना है कि जब उन्होंने पुलिस से अपने बेटों को ले जाने का कारण पूछा तो उन्हें धक्का देकर गिरा दिया गया. जिससे उन्हें चोटें आ गईं. तमाम जवान हथियारों से लैस थे.इनमें से एक अधिकारी वर्दी में था,जबकि अन्य सादे लिबास में थे.

ग्रामीणों का कहना है कि एसआइटी के जवानों ने तीनों युवकों को गिरफ्तार करते ही उनका मोबाइल छीन लिया. ग्रामीणों को अचानक एसआइटी टीम के आने व तीन युवकों को अचानक गिरफ्तार करने से हैरत में हैं. ग्रामीण इन दोनों युवकों को निर्दोष बता रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि एहतेशामुर्रहमान के 20 वर्षीय पुत्र मंजर इकबाल नोएडा(दिल्ली) के इंजिनियरिंग कालेज में थर्ड इयर का छात्र है. जबकि सरफराज अहमद व काशिफ कशान बड़हरिया स्थित अपने पिता की दुकान में उनकी मदद के लिए रहते हैं. काशिफ कशान की पत्नी निशात परवीन कहना है कि उनके परिजन कुछ समझ पाते कि इसके पहले ही एसआइटी के जवानों ने घर मे घुस कर मेरे पति व देवर को गिरफ्तार कर लिया.

वही ग्रामीणों ने यूपी पुलिस की कार्यशैली पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना महिला पुलिस के ही यूपी पुलिस आई थी व घर के अंदर घुसकर युवकों को गिरफ्तार किया.यह नियम के विरूद्ध है. तीनों युवकों को एसआइटी कहां लेकर इसको लेकर परिजन चिंतित है. इधर तीनो युवकों की गिरफ्तारी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. और इस गिरफ्तारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

कुछ लोगों का कहना है कि लखनऊ में हुई चार माह पहले हुई हत्या के सिलसिले में तीनों युवकों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि यूपी से आयी एसआइटी की टीम द्वारा  स्थानीय थाना को किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई है. ग्रामीणों की सूचना पर थानाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने करीब एक बजे दिन में अटखंभा पहुंचकर ग्रामीणों व परिजनों से इस सिलसिले में जानकरी ली.

उन्होंने बताया कि एहतेशामुर्रहमान का पुत्र मंजर इकबाल चार दिन पूर्व नोएडा( दिल्ली) से  पहले घर आया था. उन्होंने बताया कि मंजर इकबाल नोएडा में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करता है.पहले लखनऊ एसआइटी पुलिस मंजर इकबाल के घर ही पहुंची. उसे गिरफ्तार कर बातचीत करने के बाद सफीर अहमद के घर पहुंची. जहां से उनके दोनों बेटों सरफराज व काशिफ कशान को उठा लिया. थानाध्यक्ष ने बताया कि ये दोनों लॉकडाउन में यूपी के अलीगढ़ से अपने घर आये थे. पुलिस की माने तो ये वहां रहकर धर्मिक पढ़ाई कर रहे थे.

उन्होंने यह भी बताया कि दोनों अक्सर घर में रहते थे व बाहर नहीं निकलते थे. थानाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने बताया कि गिरफ्तारी का कारणों का पता तो नहीं चल पाया है. लेकिन चार माह पूर्व लखनऊ में किसी शख्स की हुई हत्या में इनकी गिरफ्तारी को चर्चा है. परिजनों व ग्रामीणों ने बताया कि वे शनिवार की शाम को पुलिस से मिलकर तीनों युवकों की गिरफ्तारी के बारे में जानने की कोशिश करेंगे. यह भी पता किया जायेगा कि आखिरकार एसआइटी पुलिस उन्हें लेकर कहां गयी है.