बसंतपुर: रमजान में हर इबादत का सवा सत्तर गुना ज्यादा शबाब : मौलाना शमीम अहमद अंसारी

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परवेज अख्तर/सिवान: बसंतपुर के खवासपुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक मौलाना शमीम अहमद अंसारी ने रमजानुल मुबारक पर फजीलत बयान करते हुए कहा कि इस माह में हर इबादत का सवा सत्तर गुना ज्यादा शबाब मिलता है। रमजान के पाक महीने में खुदा कुरान शरीफ को नाजील किया।अल्लाह के रसूल प्यारे रसूलल्लाह सल्लालाहे व सल्लम ने रमजान में की गई इबादत की बड़ी फजीलत फरमाया है।उन्होंने बताया कि हकीकत में रमजान का महीना रौनकदार होता है।इस पाक महीने में रोजेदारों पर अल्लाह का करम रहता है। नियम से रोजा रखने वाले को इस माह अल्लाह की दुआएं मिलती हैं। अल्लाह रोजेदारों के सारे गुनाह को माफ कर उन्हें नई दिशा देता है। उन्होंने बताया कि रमजान इबादत व बरकत का महीना है।

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इसमें जो लोग ईमान से अल्लाह के बताए हुए तरीके के साथ रोजा और नमाज पढ़ेगा उसपर खुदा की रहमत बरसती है, लेकिन ईद से पहले अगर फितरा की अदायगी नहीं हुआ तो ईद की नमाज जायज नहीं होगा, इसलिए हर मुसलमानों को फित्रा की रकम जीतना तय होता है प्रति व्यक्ति के उसी के हिसाब से ईद की नमाज से पहले जमा होना चाहिए नहीं तो ईद का नमाज जायज नहीं होगा। रमजान रहमत व बरकत का महीना है। इस तपिश में परिवार के साथ नन्हें बच्चे भी रोजा रहकर खुदा की इबादत करने में किसी से पीछे नहीं हैं। बच्चों में रोजा रखकर नमाज पढ़ना और नेक कामों को करने का जुनून परिजनों को देखकर मिलता है।बच्चों के अनुसार इस उम्र में इबादत करना खुदा की मेहरबानी है। इसके बाद खुदा से गुनाहों की माफी मांग कर देश में अमन चैन और मिल्लत की दुआ मांगते हैं।