भाई की दीर्घायु को ले बहनों ने किया पीड़िया व्रत

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परवेज अख्तर/सिवान : जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंडों में भाई की दीर्घायु को ले बहनों ने पीड़िया पर्व मनाया। यह पर्व कार्तिक पूर्णमा से चला आ रहा है। शनिवार की अल सुबह पीड़िया विर्सन को ले जिले सरयू नदी घाट समेत अन्य नदी घाटों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी गई। देर रात से गीतों से क्षेत्र गूंज उठा था। बहनें ठेला की सजावट कर मांगलिक गीतों के साथ पीड़िया दहन करने घाटों पर पहुंच गई और श्रद्धा के साथ घाटों पर पीड़िया का दहन किया। इस दौरान घाटों पर लाइट की व्यवस्था की गई थी। वहीं घाटों पर अल सुबह मेला जैसा दृश्य था। दरौली पंचमंदिर तट पर पीड़िया विसर्जन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक गीत के साथ काफी संख्या मे युवतियां नदी तट पर पहुंच पीड़िया प्रवाहित किया। इस दौरान दरौली के सरयू नदी पर मेला जैसा दृश्य रहा। मंगल गीत से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। विसर्जन के बाद सभी युवतियां मेले मे झूला, सर्कस आदि का आनंद लिया। युवतियों की भीड़ देख प्रभारी थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह द्वारा विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा रघुनाथपुर के नरहन, सिसवन के विभिन्न घाटों पर काफी भीड़ देखी गई। महाराजगंज के महुआरी बाहर शिव मंदिर स्थित सुबह होते होते कन्याओं कीभारी भीड़ एकत्रित हो गई। पीड़िया विसर्जन के बाद कन्याएं आपसी में चिउड़ा और मिठाई एक दूसरे से आदान-प्रदान की तत्पश्चात पारण कर व्रत का समापन किया। पीड़िया विसर्जन के दौरान उपस्थित निधि कुमारी, रानी कुमारी, नीतू कुमारी, दीपाली कुमारी, ज्योति कुमारी, आस्था कुमारी, अनुष्का कुमारी, सिद्धि कुमारी, खुशी कुमारी, स्नेहा कुमारी, संध्या कुमारी, अंजली कुमारी, सपना कुमारी, रविता कुमारी, कमलावती कुमारी, रंभा, निशा समेत अन्य कन्या मौजूद रही। ज्ञात हो कि इस दौरान लड़कियां घर की बुजुर्ग महिलाओं से अन्नकूट से कार्तिक चतुर्दशी तक छोटी कहानी एवं कार्तिक पूर्णिमा से अगहन अमावस्या तक सुबह स्नान कर बड़ी कहानी सुनती है। व्रत के दिन छोटी-बड़ी दोनों कथाएं सुनती हैं। इस व्रत में नए चावल एवं गुड़ का रसियाव बनाया जाता है जिसे व्रती दिन भर उपवास रहने के बाद शाम को सोरहिया के साथ ग्रहण करती हैं।