भ्रष्ट MVI मृत्युंजय सिंह को परिवहन विभाग ने किया सस्पेंड….बालू मामले में EOU ने किया था रेड…..

0

पटना: बालू खनन में पहले गया के एमवीआई से पद से हटाये गये MVI को परिवहन विभाग ने निलंबित भी कर दिया है। हालांकि निलंबन वाला आदेश परिवहन विभाग ने अपने वेबसाईट पर जारी नहीं किया है। वैसे चर्चित एमवीआई रहे मृत्युंजय सिंह अपने कारनामों के चलते चर्चा में रहे हैं।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM
WhatsApp Image 2022-09-27 at 9.29.39 PM

जानकारी के अनुसार, परिवहन विभाग ने भ्रष्ट एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह को मंगलवार को ही निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। निलंबन के दौरान मुख्यालय जहानाबाद बनाया गया है। परिवहन विभाग के डिप्टी सेक्रेट्री शैलेन्द्र नाथ ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एमवीआई मृत्युंजय सिंह को ईओयू की रिपोर्ट पर निलंबित कर दिया गया है।

आर्थिक अपराध इकाई ने 21 दिसंबर 2021 को पटना के तत्कालीन भ्रष्ट मोटरयान निरीक्षक मृत्युंजय सिंह के तीन ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी में अकूत संपत्ति का पता चला है। आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने पटना रांची और पैतृक गांव में रेड किया।

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, मोटरयान निरीक्षक मृत्युंजय कुमार सिंह 2012 में नियुक्त हुए थे। अपने पद का भ्रष्ट दुरुपयोग करते हुए इनके द्वारा पत्नी नीलम कुमारी तथा अपने 2 साला श्रीकांत कुमार एवं पंकज कुमार के नाम पर पटना एवं रांची में महंगे आवासीय मकान तथा फ्लैट के रूप में अचल परिसंपत्ति अर्जित की है। इनके पुत्र विदेश में मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे हैं। इनके द्वारा अपराधिक षड्यंत्र रच कर भ्रष्ट तरीके से अर्जित काली कमाई को स्वयं तथा अपनी पत्नी एवं सालों विभिन्न बैंक खातों में चेन ट्रांसफर करते हुए अचल संपत्ति का छद्म हस्तांतरण किया है।

साथ ही शेल कंपनी बनाकर उनके नाम से संपत्ति बनाते हुए धन शोधन कर काले धन को सफेद बनाने का प्रयास किया है। मृत्युंजय सिंह पटना गया में मोटरयान निरीक्षक के रूप में पदस्थापित रहे। इस दौरान इन पर कई गंभीर आरोप भी लगे हैं । मृत्युंजय सिंह की पत्नी के नाम से रांची के हेहल रातू रोड में करीब 30 लाख रूपए में लव कुश अपार्टमेंट के कुश ब्लाक में एक आवासीय फ्लैट, आरके सदन फार्मेसी कॉलोनी गोला रोड पटना में ₹4900000 में 1 आवासीय फ्लैट तथा पाटलिपुत्र कॉलोनी पटना में फर्जी सेल कंपनी के नाम से दो करोड़ 25 लाख रुपए में भूखंड जिस पर आवासीय मकान बना हुआ है अर्जित किया है।

इनकी कुल चल-अचल संपत्ति करीब तीन करोड़ 11 लाख 888 हजार आंकी गई है. इनका कुल आय करीब 71 लाख ₹60000 पाई गई . इन्होंने ज्ञात स्रोतों से लगभग 3 करोड़ 80 लाख ₹28000 की अचल संपत्ति अर्जित की है. जो इनके ज्ञात आय के स्रोत से 531 परसेंट अधिक है. रांची स्थित साले श्रीकांत कुमार की आवास से तलाशी के क्रम में मृत्युंजय कुमार सिंह की पत्नी के नाम से बनाए गए पार्टनरशिप फर्म के नाम पर लगभग 3900000 रुपए का फिक्स डिपाजिट पाया गया है। इसके साथ ही दोनों सालों के नाम पर अभी तक 1करोड़ रुपए का बैंक में जमा पाया गया है । जिसे फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। साले के आवास पर फॉर्च्यूनर पाया गया एक अन्य गाड़ी भी मिला है जो साले के नाम से है।

EOU ने बताया कि पटना के गोला रोड स्थित फ्लैट में ताला बंद था। जिसके बाद पुलिस एवं मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ताला खुलवा कर तलाशी ली गई । इस फ्लैट का मूल्य करीब ढाई करोड़ रुपए आंकी जा रही है । चालाक एमवीआई मृत्युंजय सिंह को जांच एजेंसी की कार्रवाई की भनक पहले ही लग गई थी। लिहाजा कई गाड़ियों में भरकर सामान को गोला रोड़ वाले फ्लैट से निकाल लिया था। ईओयू को सीसीटीवी फुटेज मिला जिसमें 20 दिसंबर की शाम को ही जाते देखा गया था। बंद फ्लैट को जब खोला गया तो जांच एजेंसी ने पाया कि सारा सामान निकाल लिया गया है। छानबीन में पुराने पचास हजार के नोट मिले थे। इस मामले में अलग से केस दर्ज किया गया है।