​एक दिन पूर्व घायल हुए युवक की इलाज के क्रम में मौत​

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परवेज अख्तर/सिवान : जिले के दारौंदा थाना क्षेत्र के लीलासाह पोखरा के समीप सिवान-छपरा मुख्य पथ पर सोमवार की शाम हुई सड़क दुर्घटना में घायल गोलू की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। गोलू की शादी एक सप्ताह पूर्व एक मई 2018 को शादी हुई थी। अभी हाथों पर मेंहदी का रंग हटा नहीं था कि उसके पहले जीवन लीला ही समाप्त हो गई। घटना के संबंध में बताया जाता हैं कि दारौंदा थाना क्षेत्र के धानाडीह निवासी शंकर राम के पुत्र गोलू राम (22) सड़क दुर्घटना में लीलासाह के पोखरा के समीप गंभीर रूप से हो गया था था, जिन्हें इलाज के लिए दारौंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृतक घोषित कर दिया। गोलू अपने मामा के यहां हुसैनगंज थाना क्षेत्र के लकड़ छपरा बाइक देने जा रहा था। उसी समय लीलासाह पोखरा के समीप अंनियंत्रित होने से बाइक पुलिया मे टकरा गई थी। वह परिवार का सबसे बड़ा भाई होने के चलते परिवार का बोझ उसी के कंधों पर था। वह मजदूरी कर अपना जीवन चला रहा था। गोलू की एक बडी बहन की शादी हो गई हैं। भाई दीपक कुमार, छोटू कुमार, मनु कुमार, आकाश कुमार, एक डेढ़ वर्ष की बहन है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा तथा सभी का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही मुखिया हीरामुनी देवी तथा पंचायत सचिव रामेश्वर पाठक ने पहुंच कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपये प्रदान किया। वहीं पारिवारिक लाभ योजना के तहत राशि देने के लिए बीडीओ, सीओ एवं थानाध्यक्ष गए हैं।

आरती की जीवन जीने की लौ बुझ गई

महज एक सप्ताह पहले एक मई 2018 जिस खुशी के माहौल में आरती एवं गोलू की शादी हुई वह पल भर में टूट गई। एक मई को गोलू की शादी हिंदू रिति रिवाज के मुताबिक हुसैनगंज थाना क्षेत्र के हथौड़ा निवासी कृष्णनाथ राम की पुत्री आरती कुमारी के साथ हुई थी। आरती अभी परिवार वालों से पूरी तरह घुल मिल नहीं पाई थी तभी पति की घटना ने उसे झकझोर कर रख दिया। पति की मौत की सूचना मिलते ही वह दहाड़ मारकर रो पड़ी। वह बार-बार पति के वियोग में रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी जिसे महिलाएं संभाल रही थी। गोलू की मौत से आरती की जीवन जीने लौ हमेशा के लिए बुझ गई।

सांत्वना देने वालों का लगा तांता

गोलू की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। माता-पिता, भाई-बहन एवं पत्नी सभी को आसपास के लोग ढाढ़स बंधा रहे थे। उसके घर पर शुभचिंतकों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। परिजनों के चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया है।​