दरौली में पुलिस के गठजोड़ से सामंती ताकत गरीबों पर हुए हावी तो दूसरी तरफ भाजपाइयों के गोद में बैठी है पुलिस

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  • बाजार में सामंती ताकतों द्वारा दौड़ा दौड़ाकर बेरहमी से की जा रही है पिटाई
  • भाकपा माले का सात सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल मिला दरौली थानाध्यक्ष रितेश मंडल से
  • चकरी के अभी कुमार उर्फ बंटी की बरामदगी पर भी रखी बात

✍️परवेज़ अख्तर/एडिटर इन चीफ:
दरौली थानाध्यक्ष रितेश कुमार मंडल से माले का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मिलकर आठ मुद्दों पर विधिवत रूप से बात की.प्रतिनिधि मंडल में जिला कमिटी सदस्य और दरौली मुखिया लालबहादुर कुशवाहा,खेग्रामस जिला सचिव शिवनाथ राम,आरवाईए राज्य परिषद सदस्य जगजीतन शर्मा,महिला नेत्री कुमानती राम,अखिलेश राम,केदार पंडित व आनंद बिहारी साहनी शामिल थे.मुखिया लालबहादुर कुशवाहा ने कहा कि दरौली थाना दलालों और बिचौलिओं का अड्डा हो गया है. गरीबो का केश नहीं हो रहा है.जो गरीब पिटा जा रहा है उनको ही केश में फंसाया जा रहा है.चकरी के अभी कुमार उर्फ बंटी एक साल पांच माह का है,31 मार्च को उनको दरवाजे से ही गायब है,अभी तक कोई पता नहीं चल सका है.पुलिस आराम से सोई है.दुबा के हरिओम पांडये को दरौली बाजार में सामंती ताकतों द्वारा दौड़ा दौड़ाकर बेरहमी से पिटाई की गई.

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जिसका इलाज स्वयं प्रशासन करवाई तथा एफआईआर हुआ, लेकिन भाजपाई सता के दबाव मे थाना प्रभारी द्वारा उल्टा पीड़ित जख्मी तथा उनके परीक्षार्थी पुत्र को केस में फसा दिया गया. सरना सागर राय के टोला निवासी उर्मिला कुँवर पति राजेंद्र सिंह को वहाँ के दबंगो द्वारा गोलीमार कर मरणासन्न स्थिति में जख्मी कर दिया गया.जो 26 फरवरी की घटना है तथा आज गोरखपुर में आईसीयू में जीवन मौत से जूझ रहे है.नामजद एफआईआर होने के बाद भी एक भी अपराधी को गिरफ्तार नहीं किया गया.वहीं मुड़ा कर्मवार के हरिचरण यादव की पुश्तैनी फूस की पलानी भाजपाई ताकतों द्वारा 3 फरवरी को सरेआम जला दिया गया. एफआईआर होने के बावजूद प्रशासन का कोई कारगर कदम नहीं उठाना और अपराधियों का खुला घूमना यह साबित करता है कि दरौली पुलिस प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसने में भाजपा केंद्र की सत्ता के प्रभाव में आकर बिफल हो चुकी है.जिसके कारण जनता का कानून और प्रशासन से भरोसा खत्म हो चुका है.