टीबी उन्मूलन को लेकर जिलास्तरीय समीक्षा बैठक, जन-आंदोलन के रूप में चलेगा अभियान

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  • माइक्रोप्लान पर की गयी चर्चा
  • प्रखंडस्तर पर विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन
  • “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” स्लोगन के तहत होगा प्रचार प्रसार
  • केयर इंडिया की टीम करेगी सहयोग
  • 2025 तक टीबी मुक्त होगा देश

सिवान: टीबी उन्मूलन को लेकर जिला यक्ष्मा केंद्र सीवान में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गयी। जिसमें जन-आंदोलन अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गयी। इस दौरान प्रखंड स्तर पर माइक्रोप्लान बनाकर अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन के लिए निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण स्वाभाविक रूप से आघात पहुंचा है। अब स्वास्थ्य विभाग ने टीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग के द्वारा मार्च महीने को जन आंदोलन के रूप में मनाया जाएगा। जिसके तहत प्रखंड स्तर पर कई गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। इस बैठक में सभी केयर बीएम, एसटीएस, एसटीएलएस शामिल थे। इस मौके पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार सिंह, केयर इंडिया के डीटीओ-एफ कृति धमीजा, जिला यक्ष्मा केंद्र के टीबी एचआईवी समन्वयक दिलीप कुमार, डीपीसी दीपक कुमार, अबराना खातून उपस्थित थे।

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केयर इंडिया की टीम करेगी सहयोग, धर्म गुरु फैलाएंगे जागरूकता

डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिवर्ष 24 मार्च को विश्व यक्ष्मा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस बार सहयोगी संस्था केयर इंडिया के द्वारा सभी प्रखंड मुख्यालयों में सहयोग किया जाएगा। इसके तहत टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग के माध्यम से जनप्रतिनिधि, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों, टीबी चैंपियन, ट्रीटमेंट सपोर्टर, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के बीच राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, निक्षय पोषण योजना आदि विषय पर व्यापक जानकारी दी जाएगी । कार्यक्रम के लिए केयर इंडिया के जिला प्रतिनिधि के द्वारा रोस्टर भी तैयार किया जाएगा।

प्रखंडस्तर पर टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग

केयर इंडिया के डीटीओ-एफ कृति धमीजा ने बताया कि जन-आंदोलन अभियान के तहत प्रखंडस्तर पर टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग के माध्यम से जनप्रतिनिधि, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों, टीबी चैंपियन, ट्रीटमेंट सपोर्टर, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) रोगी की पहचान के विषय में जानकारी दी जाएगी, ताकि यह लोग जल्द ही टीबी के लक्षणों को पहचान कर रोगी को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में भेज सकें। ऐसा करके टीबी के रोगी का जल्द से जल्द उपचार शुरू किया जा सकेगा। सरकारी अस्पतालों में टीबी के संभावित रोगियों की स्क्रीनिंग भी की जाती है। परीक्षण उपरांत रोगियों का निःशुल्क उपचार किया जाता है। केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

टीबी (क्षयरोग) के लक्षण

  • लगातार 3 हफ्तों से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना
  • खांसी के साथ खून का आना
  • छाती में दर्द और सांस का फूलना
  • वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना
  • शाम को बुखार का आना और ठंड लगना
  • रात में पसीना आना