प्रशिक्षणार्थियों के लिए डीएलएड की संपर्क कक्षाएं दूसरे दिन भी जारी

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जिले के 57 शिक्षण संस्थानों में दस हजार प्रशिक्षणार्थियों के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था

सीवान-: संसाधन विकास मंत्रालय और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) की ओर से डीएलएड कोर्स के लिए डायट समेत जिलेभर में संपर्क कक्षाएं दूसरे दिन भी सुचारु रुप से संचालित की गई। कई केंद्र संस्थानों पर दूसरे दिन भी गहमागहमी देखी गई। डाइट के वरीय व्याख्याता हृदयानंद सिंह व श्रीकांत सिंह के द्वारा सब्जेक्ट कोड 501 के विभिन्न पहलुओं पर समीक्षात्मक चर्चा की गई। जबिक तेज तर्रार प्रशिक्षक पप्पू कुमार व रुपाली अहीर के द्वारा सब्जेक्ट कोड 502 के प्रत्येक बिंदुओं पर विश्लेषणात्मक मंथन किया गया।

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प्रथम सेमेस्टर के लिए सब्जेक्ट कोड 501, 502 और 503 की पढ़ाई प्रारंभ

???? कूल 15 संपर्क कक्षाओं में 12 कक्षाएं प्रशिक्षणार्थियों के लिए अनिवार्य

प्रशिक्षक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि जिन निजी व सरकारी स्कूलों के अप्रशिक्षित शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं, उन्हें 15 फरवरी, 2018 तक असाइमेंट जमा करना होगा। उनके द्वारा असाइनमेंट बनाने की विधि को बताया गया।उन्होंने यह भी बताया गया कि नामांकित सेंटर पर प्रत्येक अभ्यर्थी को 15 दिनों तक संचालित होने वाली संपर्क कक्षाओं में 12 कक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य है। बतौर क्लास 25 मार्च तक संचालित की जाएगी। प्रशिक्षक सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि पहले सेमेस्टर में सब्जेक्ट कोड 501, 502 और 503 की पढ़ाई होगी और इसी की परीक्षा भी ली जायेगी। पास नहीं होने की स्थिति में अभ्यार्थी नौ बार परीक्षा में बैठ सकते हैं।

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25 मार्च तक संचालित होगी संपर्क कक्षाएं

???? 15 फरवरी तक असाइनमेंट जमा करने को मिला निर्देश

वहीं प्रशिक्षक सुकेश पाण्डेय ने बताया कि प्रत्येक शनिवार व रविवार को संपर्क कक्षाएं संचालित होगी. जिसमें सुबह 10:30 से लेकर 1:00 बजे तक तथा उसके बाद 2:30 बजे से 4:30 बजे तक प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विदित हो कि जिले के 57 केंद्रों पर सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के लगभग दस हज़ार शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रत्येक केंद्र पर 200 शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। बतौर हर प्रखंड में 2 से 5 शिक्षण संस्थानों को अध्ययन केंद्र के रूप में चयनित किया गया है।प्रत्येक केंद्र पर प्रशिक्षण देने को लेकर 8–8 साधनसेवी को नियुक्त किया गया है। जो निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण देंगे।