जनता कर्फ्यू का असर: दुकानें रहीं बंद, वीरान रहे चौराहे

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दिल्ली से आई सवारी बस को रोककर प्रशासन की उपस्थिति में चिकित्सक दल ने की जाँच

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परवेज अख्तर/सिवान:- रविवार को गुठनी के बाजार और चौक चौराहों पर कोरोना वाइरस के संक्रमण की रोकथाम को लेकर जनता कर्फ्यू का असर साफ दिखाई दिया।गुठनी के चौराहों पर सन्नाटा छाया रहा।इस दौरान थानाध्यक्ष मनोरंजन कुमार अपने दल बल के साथ क्षेत्र का जायजा लेते रहे साथ हीं अंचलाधिकारी राकेश कुमार सरकारी वाहन से लोगों को दुकाने नही खोलने का निर्देश देते रहे। जनता कर्फ्यू के दौरान दिल्ली से सीवान आ रही सवारी बस को बिहार सीमा में प्रवेश करते ही श्रीकलपुर चेकपोस्ट के गार्डों ने रोक दिया और प्रशासन को सूचित किया।सीओ०राकेश कुमार के नेतृत्व में एम्बुलेंस सहित चिकित्सक दल मौके पर पहुचा और पूरी तरह सभी यात्रियों का जांच किया।चिकित्सक दल के प्रमुख डॉ देवेंद्र रजक के जांच के बाद यात्रियों को उन्हें अपने गंतव्य तक जाने के लिये छोड़ा गया।बस में दो यात्री ऐसे भी थे जो विदेशी मुल्क दुबई से आ रहे थे। जिनकी बिधिवत जांच की गयी हालांकि उनका पूर्ण जाँच तो दिल्ली में फिर गोरखपुर में हुआ था बावजूद यहाँ उनकी जाँच की गयी तथा पूरा पता पंजीकृत किया गया।विदेश से आये यात्रियों में महराजगंज के पुरानी बाजार निवासी राज हुसैन का पुत्र मुराद अली है तथा दूसरा छपरा जिला के मशरख थानाक्षेत्र के बनसोही गांव के ललन प्रसाद पांडे का पुत्र रमाकांत पांडे है।सीओ०राकेश कुमार और चिकित्सक देवेंद्र रजक ने दोनों व्यक्तियों को शख्त निर्देश दिया कि 14 दिनों तक परिवार से अलग रहकर वायरस रहित होंना आश्वस्त हो ले।बस के अन्य 9 यात्री गुठनी क्षेत्र के निवासी थे जिनकी भी जांच हुई और आवश्यक प्रशासनिक चिकित्सकीय निर्देश दिए गए।लोगों ने भी जनता कर्फ्यू का खुल कर समर्थन किया।दिन भर लोग अपने घरों में रहकर कर परिवार के अन्य सदस्यों का हौसला बढ़ाया।ये बात अलग है कि जहाँ समाज के प्रबुद्ध और जागरूक लोगों ने स्थिति की नजाकत को बारीकी से समझते हुए सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देश का जिम्मेदारी पूर्वक अक्षरतः पालन करते नजर आए वही गाँवों कस्बो में जरूरी काम को लेकर जहां तहां कुछ सक्रियता दिखी।लेकिन लोगों ने सरकार के इस निर्णय की सराहना की।