जमकर हुआ बवाल: चित बदली खियाके मति मरलस रे, बंगलिनिया…..

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  • बारातियों व ग्रामीणों में जमकर घंटों चले बांस बल्ले
  • आधा दर्जन वाहन के शीशे को किया क्षतिग्रस्त
  • ऑर्केस्ट्रा पार्टी के साउंड बॉक्स समेत अन्य सामानों को भी तोड़ डाला
  • ग्रामीणों ने भी दिया उपद्रवियों का साथ
  • सारण जिले से सिवान में आई थी बारात

परवेज़ अख्तर/सिवान:

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pervej akhtar siwan online
aliahmad
dr faisal

…. माना कईनी पुरूबवा ना जाईह ये पिया, हाथ कौनों के
कुछहू ना खाईह ये पिया,बोल मुंह के बिगडलस बंगलिनिया, चित बदली खियाके मति मरलस रे ….बंगलिनिया……..

महिला भोजपुरी गायक शिल्पी राज द्वारा गाया गया है यह गीत को लेकर बारातियों व ग्रामीणों में जमकर घंटों बांस बल्ले चलें।जिससे बारात में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। यहां बताते चले कि सारण जिले के एक गांव से बारात सिवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के एक गांव में सज धज कर आई हुई थी। बारात में सारण जिले के एक मशहूर ऑर्केस्ट्रा प्रोग्राम का भी आयोजित किया गया था। इसी बीच दुल्हन पक्ष के दरवाजे पर खूब सज धज कर बारात भी लग गई और शांतिपूर्ण तरीके से निकाह का कार्यक्रम भी समापन हो गया और सभी बाराती खाना-पीना, खाने के बाद आयोजित ऑर्केस्ट्रा में लुत्फ लेने के लिए गए।

करीब 2 घंटे तक खूब शांतिपूर्ण तरीके से ऑर्केस्ट्रा का कार्यक्रम चलता रहा।ऑर्केस्ट्रा पार्टी में नृत्यांगनियों ने खूब अपना- अपना जलवा बिखेरा। इसी बीच मंगलवार की मध्य रात्रि में गांव के लगभग एक दर्जन की संख्या में युवाओं की टोली पहुंची और ऑर्केस्ट्रा पार्टी में अलाउंस कर रहे अनाउंसमेंट को जबरन स्टेज के नीचे बुलाया और महिला भोजपुरी गायक शिल्पी राज द्वारा गाया गया उपरोक्त गीतों की फरमाइश करने लगे कि इसी बीच बारातियों ने इस गाने का विरोध किया तो गीत की फरमाइश कर रहे युवाओं की टोली एका एक बारातियों पर टूट पड़ी। जिससे बारात में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।

लगभग 2 घंटे तक जमकर बांस बल्ले चले। बारातियों के लगभग आधा दर्जन चार पहिया वाहनों के शीशे को क्षतिग्रस्त कर दिए गए, साथ हीं ऑर्केस्ट्रा पार्टी के साउंड बॉक्स समेत अन्य सामानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। बाद में इस घटना की भनक जब गांव वालों को लगी तो गांव वाले बीच बचाव करने के बजाए उपद्रवियों के साथ मिलकर वे भी बारातियों पर बिना कुछ सोचे समझे हमला बोल दिए। जिससे बारात का माहौल और बिगड़ गया। धीरे-धीरे यह घटना पूरे गांव में जंगल में लगी आग की तरह फैल गई। बाद में घटना की सूचना पाकर स्थानीय कई जनप्रतिनिधि घटनास्थल पर पहुंचे तथा दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को रफा-दफा किया।