बौद्ध धर्म की शिक्षाओं का पालन करने से मानव जीवन होगा सार्थक

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परवेज अख्तर/सिवान : शहर के गोपालगंज मोड़ स्थित आंबेडकर स्मृति पार्क में शनिवार को भारतीय बौद्ध महासभा का प्रांतिय सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष गणेश राम उर्फ ज्ञानरत्न ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण व बुद्ध वंदना गायन के साथ किया। मुख्य अतिथि सह राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के पौत्र भीमराव यशवंत राव आंबेडकर ने अपने संबोधन में कहा कि बुद्ध धर्म को भारत में पुन: जगाने का कार्य बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने किया था। बौद्ध धर्म तार्किक एवं वैज्ञानिक धर्म है। इसीलिए बाबा साहब ने बौद्ध धर्म ग्रहण किया था। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म में जो शिक्षाएं दी गई हैं। उनका मनुष्य पालन करें तो उसका जीवन सार्थक हो सकता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से कहा कि हमें बाबा साहब के बुद्ध दर्शन का अध्ययन कर आत्मसात करना चाहिए। राष्ट्रीय महासचिव आर जगदीश गंवई ने भगवान बुद्ध शील, समाधि, प्रज्ञा के तहत करुणा-मैत्री की शिक्षा प्रदान करता है। कहा कि हमारी संस्था लोगों के अंदर एक उत्तम संस्कार भरकर मानव से मानव का कल्याण करना सिखाती है। भारतीय बौद्ध देश के प्रत्येक राज्य में तथा अधिकांश जिलों में काम कर रही है। संस्था के संस्थापाक बाबा साहब ने दुनिया का सबसे नमूना संविधान बनाकर मानव के कल्याण के लिए कानूनी अधिकार दे दिया। बाबा साहब के सपनाें का भारत बनाने के लिए भारतीय संविधान को लागू करना होगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल बौद्ध ने कहा कि आप सभी अनुयायियों को अपने घर के सभी संस्कारों में बदलाव लाना होगा। तभी हमलोगों की फिजूलखर्ची बंद होगी। तथा हमारा विकास हो पाएगा। मौके पर द्वारिका बौद्ध, मोतीलाल बौद्ध, रामकिशुन अकेला, डा. बीके रंजना, डा. एमआर. रंजन, अमरेंद्र कुमार अमन, परमानंद राम, डा. इंद्रमोेहन कुमार, डा. अशाेक कुमार, मुंशी बैठा, द्वारिका प्रसाद, रवि कुमार, ललन बैठा, श्रीराम दास, दीपक सम्राट, मोतीलाल बौद्ध, कामेश्वर कुमार कौशल, मुकेश कुमार बैठा, सतीश कुमार, ओमप्रकाश कुमार, संपत कुमार, रामनरेश बैठा, अमरेंद्र कुमार समेत सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

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